बलिया। सदर तहसील में कानूनगो और लेखपाल का 10 हजार रुपये घूस लेने का वीडियो वायरल होने के मामले का प्रशासन ने संज्ञान ले लिया है। तहसीलदार मनोज राय की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने कानूनगो व सेवानिवृत्त लेखपाल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है। कानूनगो के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अमर उजाला ने 26 अगस्त के अंक में ''''तहसील में कानूनगो व लेखपाल का 10 हजार रुपये घूस लेने का वीडियो वायरल'''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर इस मामले की जांच कराई गई। तहसीलदार मनोज राय की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कानूनगो तारकेश्वर सिंह के बगल में बैठे दो व्यक्तियों में से एक अपनी जेब से पर्स निकालकर उसमें से रुपये गिनकर सामने बैठे व्यक्ति को दे रहा है। उसका चेहरा दिखाई नहीं देता। दोबारा वही व्यक्ति रुपये निकालकर बगल में बैठे कानूनगो तारकेश्वर सिंह को देता दिखाई दे रहा है। उस रुपये को कानूनगो सामने रखे पेपर में लपेटते दिखाई दे रहे हैं। जब पड़ताल कराई गई तो पता चला कि वायरल वीडियो सदर तहसील में तैनात कानूनगो तारकेश्वर सिंह और लेखपाल विनय दुबे का ही है। हालांकि वह वीडियो कहां का और किस समय का है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
तहसीलदार ने बताया कि तारकेश्वर सिंह मौजूदा समय तहसील सदर में कानूनगो के तौर पर तैनात हैं। जबकि, लेखपाल विनय दुबे बीती 31 जुलाई को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनका कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में शासन एवं राजस्व विभाग की छवि धूमिल हुई है। कानूनगो की ओर से रिश्वत की मांग कर उप्र सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन किया गया है। कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तहसीलदार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।