जिला अस्पताल और महिला जिला अस्पताल की हालत इन दिनों काफी खराब हो गई है। विभिन्न रोगों से जूझ रहे लोगों को बिजली कटौती से भी जूझना पड़ रहा है। अस्पतालों में गुरुवार की दोपहर से कटी बिजली शुक्रवार को शाम छह बजे आई। बिजली कटौती के दौरान मरीज और उनके तीमारदार बेहाल रहे।
इस अव्यवस्था की वजह से महिला अस्पताल में मोमबत्ती की रोशनी में 4 प्रसव कराए गए । कहने हो तो दोनों अस्पतालों में जनरेटर है लेकिन जिला अस्पताल का जेनरेटर उतना लोड उठाने में सक्षम नहीं है। वहीं महिला अस्पताल का जनरेटर खराब पड़ा है। ऐसे में तीमारदारों के हंगामा करने पर शुक्रवार को महिला अस्पताल में दूसरे जगह से लाकर जनरेटर चलाया गया।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में 24 घंटे मिलने वाली बिजली आपूर्ति गुरुवार की दोपहर से ही बंद है। इससे महिला अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। ऐसे में चिकित्सकों को भी मरीजों के इलाज को लेकर काफी परेशान होना पड़ा। महिला अस्पताल में गुरुवार की रात मोमबत्ती की रोशनी में महिलाओं का प्रसव कराया गया। साथ ही वार्ड में भी भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने मोमबत्ती के सहारे रातभर बिजली का इंतजार करते रहे।
लेकिन बिजली नहीं आई। किसी तरह लोगों ने उमस भरी गर्मी में रात बिताई। शुक्रवार की सुबह महिला अस्पताल में भर्ती मरीज के तीमारदारों ने इसे लेकर हंगामा किया। जिसके बाद महिला अस्पताल प्रशासन ने बाहर से जनरेटर मंगवाकर सुबह साढ़े नौ बजे से चलवाया गया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। हालंािक शाम को छह बजे बिजली आ गई।