बलिया। उप्र पुलिस भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच शुक्रवार को दो पालियों में हुई। सुबह आठ बजे से पहले ही परीक्षाथीZ परीक्षा केंद्रों पर पहंुच गए। बायोमेट्रिक सत्यापन, प्रवेश पत्र की डिटेल्स का आधार कार्ड से मिलान और मेटल डिटेक्टर से चेकिंग के बाद केंद्र में प्रवेश दिया गया। स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ अभ्यर्थियों का प्रवेश
तलाशी के दौरान अभ्यर्थियों के जूते-मोजे, गमझा, टोपी, धूपी चश्मा निकलवा लिए गए। वहीं, महिला अभ्यर्थियों का जूड़ा तक चेक किया गया। महिला अभ्यर्थियों के हेयरपिन, बैग सहित अन्य सामग्री को गेट पर रखवा दिया गया। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही केंद्र में प्रवेश दिया गया। परीक्षा में सख्ती के कारण केंद्रों के बाहर गहमा-गहमी न के बराबर रही। परीक्षा दो पालियों में हुई, पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक, दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक हुई। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर अभ्यर्थियों के साथ आए परिजनों को केंद्र से दो सौ मीटर पहले रोक दिया। सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रों के अंदर व बाहर भारी संख्या में पुलिस व पीएसी तैनात रही।
वहीं, संदिग्धों पर नजर रखने के लिए परीक्षा के दौरान ड्रोन से मंडराता रहा। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ जमा न हो इस लिए यातायात को डायवर्ट कर दिया गया था। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार और एसपी विक्रांत वीर ने केंद्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस टीम पूरे दिन चक्रमण करती रही। परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने पिछली बार की अपेक्षा इस बार कड़ी सुरक्षा की बात कही।
स्ट्रांग रूम से कड़ी सुरक्षा में केंद्र पर पहुंचा प्रश्नपत्र : स्ट्रांग रूम से प्रश्नपत्रों को कड़े सुरक्षा पहरे में मजिस्ट्रेट की निगरानी में केंद्रों पर पहुंचा। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस सुबह से देर रात तक मुस्तैद रही। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जिससे परीक्षा को शुरू करने में कोई बाधा नहीं आई।
त्रिस्तरीय चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों का हुआ प्रवेश : परीक्षा में त्रिस्तरीय चेकिंग के बाद ही अभ्यर्थियों को केंद्र में प्रवेश मिला। अभ्यर्थियों को पेन, पेंसिल, प्रवेशपत्र और आधार कार्ड ही अंदर तक ले जाने की अनुमति रही। सुरक्षा के लिए केंद्रों के बाहर इंस्पेक्टर, क्यूआरटी और पुलिस कर्मी तैनात रहे। इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की सोशल मीडिया सेल नजर रखी रही।
सीसी कैमरे व ड्रोन से की निगरानी : परीक्षा केंद्र के बाहर व कक्ष में सीसी कैमरे से नजर रखी जा रही थी। परीक्षा को नकल विहीन करने को लेकर परीक्षा कराने वाली कंपनी द्वारा 24 अभ्यर्थियों पर कैमरा लगाया गया था। सभी केंद्रों से सीसी कैमरे का जुड़ाव पुलिस के कंट्रोल रूम से कनेक्ट था। वहां बैठे अधिकारी व जवान एक-एक परीक्षा केंद्र व कक्षा पर नजर रखे। परीक्षा केंद्र पर थोड़ी सी भी हलचल पर तत्काल फोन कर जानकारी ले रहे थे। परीक्षा केंद्र के बाहर संदिग्धों पर ड्रोन से पुलिस नजर बनाए रखी।
बेहोश अभ्यर्थी को पहुंचाया अस्पताल: परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों की तबीयत खराब होने पर तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर एंबुलेंस खड़ी रही। अस्पताल में परीक्षा को लेकर चिकित्सकों की टीम अलर्ट रही। 16 केंद्रों पर करीब 11 एंबुलेंस तैनात रही, कुंवर सिंह इंटर काॅलेज पर एक महिला अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जांच परख के बाद कक्ष निरीक्षकों को मिला प्रवेश : पुलिस भर्ती परीक्षा में मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक के अलावा किसी को भी मोबाइल या कोई भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अंदर ले जाना मना था। मोबाइल जमा करने के बाद ही कक्ष निरीक्षकों को ड्यूटी के लिए केंद्र के अंदर भेजा गया।