सुखपुरा। 23 अगस्त, 1942 के शहीदों की याद में सुखपुरा शहीद दिवस शुक्रवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। शहीद स्मारक पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित राम विचार पांडेय ने झंडा फहराया किया। इसके पहले स्कूली बच्चों ने सुबह प्रभात फेरी निकाल कर गांव में भ्रमण किया।
मुख्य अतिथि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित रामविचार पांडेय ने कहा कि जिन शहीदों ने अपनी कुर्बानी देकर भारत माता को गुलामी के जंजीरों से बाहर निकाला। इन्हीं शहीदों की याद में सुखपुरा में बने इस शहीद स्मारक से आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। इन शहीदों ने भारत माता की आजादी के बाद का जो सपना देखा था, उस सपना को पूरा करने के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना होगा।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि बड़ी-बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली आजादी को बनाए रखने व राष्ट्र के नवनिर्माण की जिम्मेदारी आज के युवाओं की है। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्याम बहादुर सिंह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र, समाज और परिवार की पहचान उनके पुरखों से होती है। गुलामी में जकड़ी भारत माता जब आजादी के लिए लड़ रही थी। तो यही हमारे पुरखे बिना किसी भेदभाव के अपने खून से राष्ट्र को आजाद कराया। भाजपा नेता विश्राम सिंह ने भी विचार रखे।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता बृजानंद पांडेय व संचालन रामाशंकर यादव ने किया। शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में पूर्व ब्लाॅक प्रमुख अनिल सिंह, क्रांतिकारी स्मारक समिति के सचिव प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव, अतुल लाल, द्विजेंद्र मिश्रा, बृजनाथ सिंह, सौरभ कुमार, प्रमोद सिंह, राजेश सिंह, उमेश सिंह आदि लोग रहे।