स्व. गौरी भैया स्टेडियम में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले की टीम और गाजीपुर की महेन टीम के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला।
निर्धारित 90 मिनट के खेल में भी कोई निर्णय नहीं निकलने पर दस मिनट का और समय दिया गया। बावजूद दोनों ओर से कोई गोल नहीं होने पर पेनाल्टी शूट में फैसला हुआ।
बर्धमान की टीम ने महेन को सात-छह से हरा दिया और स्व. गौरी भैया फुटबाल टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया।
मैच शुरू होने के साथ ही बर्धमान के खिलाड़ियों ने अपना दांवपेंच आजमाना शुरू कर दिया।
बर्धमान के खिलाड़ियों ने हर पांच से दस मिनट पर गोल दागने का प्रयास शुरू किया। लेकिन महेन के गोलकीपर सोनू ने बेहतर प्रदर्शन कर एक भी गोल होने नहीं दिया।
महेन के खिलाड़ियों ने भी काफी प्रयास किया लेकिन बर्धमान के खिलाड़ियों के कौशल के आगे पस्त दिखे। इस प्रकार पूरे 90 मिनट के खेल में नतीजा सिफर रहा।
इसके बाद निर्णायक मंडल ने 10-10 मिनट का मैच कराया। बावजूद नतीजा नहीं निकला। इसके बाद पेनाल्टी शूट की घोषणा हुई तो रोमांच और बढ़ गया।
अंतत: बंगाल ने सात-छह से महेन की टीम को मात देकर शील्ड पर कब्जा जमा लिया। महेन के गोलकीपर सोनू को मैन आफ द मैच चुना गया। सागरपाली के करन वर्मा को मैन आफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया।
पूरे टूर्नामेंट में सबसे अधिक गोल मारने वाले सागरपाली के सोनू गुप्त को पुरस्कार से नवाजा गया। मैच में रेफरी की भूमिका में वीरेंद्र सिंह अकेला, लाइनमैन बैजनाथ सिंह और बब्बन यादव रहे।
स्टेडियम में उमड़ी दर्शकों की भीड़ बंगाल के खिलाड़ियों के मुरीद हो गई थी। कई बार गाजीपुर महेन की टीम को हूटिंग का सामना करना पड़ा। इस मौके पर शैलेश चौधरी पप्पू, अजीत कुमार सिंह, संतोष सिंह, अंजनी सिंह,
नन्हकू सिंह, धर्मेंद्र, मनीष सिंह आदि मौजूद रहे। मैच का संचालन दाऊ जी और अदालत सिंह ने किया। अंत में अतिथियों के प्रति गौरी भैया के पुत्र सिद्धार्थ सिंह ने आभार प्रकट किया।