इंटरसिटी एक्सप्रेस के इंजन का कपलिंग डेढ़ घंटे के अंतराल पर दो बार टूट गई। मऊ और किरिहड़ापुर के पास हुई इस घटना से ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई।
जिसे देखकर ट्रेन में सवार मुसाफिरों में खलबली मच गई। हालांकि गनीमत यह रही की इस दौरान ट्रेन की स्पीड धीमी थी जिससे कोई हादसा नहीं हुआ।
किरिहड़ापुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी ट्रेन को मालगाड़ी के इंजन से गोरखपुर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन का परिचालन ढाई घंटे तक प्रभावित रहा। डीआरएम वाराणसी ने टीम गठित कर मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
वाराणसी से गोरखपुर रविवार को जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह करीब 7.30 बजे मऊ स्टेशन के पहले आउटर पर पहुंची थी कि इंजन का कपलिंग अचानक टूट गई और ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई।
इससे ट्रेन में सवार यात्री घबरा गए और ट्रेन से नीचे कूदने लगे। रेलकर्मियों ने कपलिंग को ठीक कर एक घंटे बाद ट्रेन को रवाना किया।
गोरखपुर के लिए चली ट्रेन अभी किरिहड़ापुर स्टेशन पर पहुंची थी कि पुन: कपलिंग टूट गई और बोगियों से इंजन अलग हो गया।
वाराणसी जाने के लिए स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी के इंजन से इंटरसिटी एक्सप्रेस को आधे घंटे बाद किरिहड़ापुर स्टेशन से रवाना किया गया।
डेढ़ घंटे के अंतराल पर दो बार ट्रेन के इंजन का कपलिंग टूटने से रेलकर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। दोनों बार गति धीमी होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। रेलवे अफसर इसको लेकर काफी परेशान रहे।