नगर के प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी के पुत्र का शव रविवार की शाम को उसके कमरे में संदिग्ध हाल में मिला। पास में उसकी लाइसेंसी पिस्टल भी पड़ी थी। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है।
नगरा बाजार निवासी जयप्रकाश सेठ की बाजार में प्रकाश स्वर्णकला केंद्र नाम की दूकान है। वहां से 50 मीटर दूर उनका घर भी है। उनका छोटा बेटा राघवेंद्र सेठ (35) देर रात तक अपने कमरे में टीवी देख रहा था।
रविवार की सुबह उसकी पत्नी ने अपने मायके बेल्थरारोड से उसे कई बार फोन किया। फोन रिसीव नहीं होने पर रविवार की शाम को उसने अपने ससुर को इसकी जानकारी दी। परिवारवालों ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया और कई बार आवाज दी पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर घरवालों ने खिड़की तोड़ दी।
अंदर देखा तो बिस्तर पर राघवेंद्र का खून से लथपथ शव पड़ा था। वहीं पास में उसकी लाइसेंसी पिस्टल भी थी और टीवी चल रहा था। पुत्र का शव देख मां बाप स्तब्ध हो गए। घर में कोहराम मच गया।
बाद में पुलिस शव को कब्जे में ले लिया। नगरा एसओ कंचन बहादुर सिंह का कहना है कि मामला आत्महत्या का लगता है। गोली राघवेंद्र की कनपटी पर लगी थी।
सीओ रसड़ा श्री राम ने कहा, मामला आत्महत्या का लग रहा है। मौके से मिले साक्ष्यों, परिवारवालों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की छानबीन से जो तथ्य सामने आएंगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।