बसपा से हाल ही निष्कासित किए गए पूर्व जोनल को-आर्डिनेटर छट्ठू राम ने कहा कि अंतिम सांस तक मैं बसपा का दामन नहीं छोड़ूंगा। बहन जी का जो भी फैसला होगा वह मेरे भविष्य को संवारने का काम करेगा। मैं कल भी दल का सच्चा सिपाही था, आज भी हूं और कल भी रहूंगा। यह बात शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि पार्टी मुखिया बहन जी के प्रति मेरी आस्था कम नहीं हुई है। हमेशा तेज धूप से पहले कोहरा आता है। यह धुंध बहुत जल्द छंट जाएगी। मैं पार्टी का छोटा से छोटा कार्यकर्ता हूं। पार्टी से अचानक निकाले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि माता-पिता बेटे से दुखी होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उससे उनका प्रेम कम हो जाता है। कहा यह मेरे लिए परीक्षा की घड़ी है। इस परीक्षा में मुझे पास होकर दिखाना है।
मैं खुद को पार्टी का एक छोटा सा सिपाही मानता हूं। आज भी जनपद के कार्यकर्ता, नेता हमें बसपा का निष्ठावान सिपाही मानते हैं। छट्ठू राम से यह पूछे जाने पर कि अगर आपको पार्टी मुखिया ने स्वीकार नहीं किया तो क्या करेंगे ? उन्होंने कहा कि अंतिम सांस तक बसपा के लिए जीने का काम करूंगा।