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मंगई नदी किनारे लगा बोल्डर धंसा

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नरही क्षेत्र के कोट मंझरिया गांव के समीप भूमि को काटती मगई नदी। - फोटो : BALLIA
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नरहीं। बाढ़ का पानी तेजी से घट रहा है, लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। कोट मंझरिया में मगई नदी के किनारे लगाया गया बोल्डर धंस गया है और नदी ने कटान शुरू कर दिया है। बेल्सिपाह गांव के लोगों को घुटने भर पानी में चलकर आना जाना पड़ रहा है। बसंतपुर-एनएच- बेल्सिपाह गांव जाने वाला रास्ता बंद है।
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मनरेगा से कराया गया रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। शाहपुर बभनौली पुरानी बस्ती के लोगों का गांव में वाहनों से आवागमन बंद हो गया है। सड़क पर बनी पुलिया ढ़हने के कगार पर है ।बिलरिया एन-एच 31 सड़क से गंगहरा जाने वाला मार्ग अभी भी बंद है। इच्छा चौबे का पूरा,रैया खाड़ी, शाहपुर बभनौली,कुल्हडि़या, सरवनपुर डेरा,तेतारपुर गांव में फसलों के सड़ने से दुर्गंध उठ रही है। सात महीने पहले मगई नदी से हो रहे कटान से बचाने को लेकर कटान रोधी कार्य में बोल्डर लगाएं गए थे। इस बाढ़ में बोल्डर धंस कर नदी में चले गए। फिर कटान शुरू हो गया है। कटान के मुहाने पर विष्णु चन्द्र, मुन्नी लाल, बैजनाथ, नंद कुमार अवनीश, शिवजी, शंकर, ब्रह्मेश्वर, संजय निरंजन और नारायण धोबी का घर अभी भी मगई नदी में विलीन हो सकता है।
सरयू भी लाल निशान के पार
बेल्थरारोड। सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। सोमवार की शाम जल स्तर में उतार-चढ़ाव के बाद नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में खलबली मच गई। नदी का पानी तटवर्ती ग्रामों की ओर फैल गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सोमवार की शाम जलस्तर 64.02 मीटर दर्ज किया गया जो लाल निशान 64.01 मीटर से 0.01 मीटर अधिक है। आयोग कहना है कि एक-एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। तटवर्ती कई रिहायशी क्षेत्रों से सटकर नदी का पानी बह रहा है। हाहानाला, तुर्तीपार और हल्दीरामपुर रेगुलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है।
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