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Ballia News: 21 दिन के बाद ही बुकिंग कराएं और बुकिंग के 48 घंटे बाद ओटीपी प्राप्त होने पर ही आएं

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हनुमानगंज विकास खंड के जीराबस्ती गांव ​स्थित एजेंसी जांच करने पहुंचे जिला पूर्ति अ​धिकारी देवम​ - फोटो : 1
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बलिया। रसोई गैस को लेकर अफरातफरी के बीच बृहस्पतिवार को अधिकतर गैस गोदामों से सिलिंडर का वितरण हुआ। लेकिन सिलिंडर के लिए उपभोक्ताओं ने चार बजे भोर से ही लाइन लगा ली थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी गोदामों व एजेंसियों का निरीक्षण किया।
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जबकि एजेंसियों पर बिना ओटीपी के सिलिंडर नहीं मिलने का नोटिस चस्पा किया गया है। साथ ही एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं से अपील कर रहे हैं कि बिना ओटीपी के बिना सिलिंडर नहीं मिलेगा। 21 दिन के बाद ही बुकिंग कराएं और बुकिंग के 48 घंटे बाद ओटीपी प्राप्त होने पर ही गोदाम पर आएं। संचालकों ने बताया कि बिना ओटीपी के किसी को भी सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।
जीराबस्ती एजेंसी गोदाम पर सुबह चार बजे से ही उपभोक्ताओं ने कतार लगा ली। करीब 200 से ज्यादा उपभोक्ताओं की कतार दोपहर बाद तक बनी रही। हालांकि सभी को सिलिंडर मिले। इसी तरह का हाल अन्य एजेंसियों पर भी रहा। होटल व रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि वह वैकल्पिक व्यवस्था में लगे हैं। बेल्थरारोड तहसील क्षेत्र के कुशहा भाड़ स्थित गैस गोदाम पर बृहस्पतिवार को दो ट्रक 1068 सिलेंडर पहुंचने से उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। पिछले तीन–चार दिनों से गैस की कमी के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
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एसडीएम शरद चौधरी के निर्देश पर सिलिंडरों का वितरण आपूर्ति निरीक्षक विजय राय की देखरेख में कराया गया। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। गैस सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। एसडीएम चौधरी स्वयं भी एचपी गैस गोदाम पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने ओटीपी के आधार पर हो रहे सिलिंडर वितरण की व्यवस्था को संतोषजनक बताया।

सिलिंडर के लिए भोर से ही कतार लगानी पड़ रही है। पहले इस तरह की स्थिति नहीं थी। ओटीपी के माध्यम से सिलिंडर देने की बात एजेंसी वाले कह रहे हैं। 25 दिन बाद सिलिंडर मिलने से भी घर का चूल्हा बंद हो जाएगा। - सोनिया देवी, बसरिकापुर
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चार बजे भोर से कतार में खड़ा रहा। उसके बाद भी मुझे काफी विलंब से गैस सिलिंडर मिला। सिलिंडर लेने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। उसमें भी ओटीपी का झमेला है। सरकार को सामान्य रूप से सिलिंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए। -शंकर वर्मा, ओझवलिया

कोयले की मांग 5 प्रतिशत बढ़ी : रसोई गैस की किल्लत के बीच लकड़ी व कोयले की मांग बढ़ गई है। कोयला व्यापारी राधेश्याम गुप्ता ने बताया कि शादी-विवाह में खना बनाने के लिए कोयला खरीद रहे हैं। वहीं, दुकानों पर भी मांग बढ़ी है। पहले की अपेक्षा 5 प्रतिशत कोयला बढ़ी है। सतनी सराय के लकड़ी कारोबारी द्वारिका ने बताया कि अभी कोई बिक्री पर विशेष कोई असर नहीं पड़ा है।
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गैस सिलिंडर के अभाव में सहालग में चूल्हे की तरफ रूख
सहालग का सीजन अब अंतिम दौर में है। गैस की किल्लत के चलते कैटरिंग संचालकों के सामने समस्या खड़ी हो गई। लोग शादी के भोज के लिए सिलिंडर के भरोसे बैठने के बजाय पारंपरिक चूल्हों और भट्ठियों की ओर रुख कर रहे हैं। कैटरर विजय कुमार गुप्ता ने बताया कि अब तक शादियों में गैस सिलिंडर की कोई कमी नहीं थी। लोग कैटरर को ही गैस सिलिंडर का इंतजाम करने की व्यवस्था देते रहे हैं। ऐसे में हम लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। रसाई गैस की किल्लत के चलते अब कोयले की भट्ठियों का उपयोग करना मजबूरी बन गई है। कोयले पर खाना बनाने में समय ज्यादा लगता है।

इंडक्शन व इलेक्ट्रॉनिक कुकर की बढ़ी मांग : एलपीजी की कमी से लोग परेशान हैं। इसके चलते बाजार में इंडक्शन व इलेक्ट्राॅनिक कुकर की मांग बढ़ी है। दुकानों पर लगभग 10 प्रतिशत तक मांग बढ़ गई है। ऑनलाइन बुकिंग पर भी लोग तरह-तरह के माडल बुक कर रहे हैं। इसमें कम बिजली खपत पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक की दुकानों पर इंडक्शन चूल्हे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ी है। वहीं होटल, रेस्टोरेंट और रिसॉर्ट कारोबारी भी इंडक्शन कुकिंग, इलेक्ट्रिक फ्रायर, कॉम्बी ओवन और इलेक्ट्रिक राइस कुकर जैसे उपकरणों को खरीद रहे हैं। कारोबारी भी इंडक्शन चूल्हे की मांग को देखते हुए डीलरों को ऑर्डर दे कर स्टॉक मंगवा रहे हैं। शहर के इंदू मार्केट के पास स्थित सीमा इलेक्ट्रिक के गोवर्धन ने बताया कि इंडक्शन की मांग बढ़ रही है। हालांकि अभी इतना असर नहीं दिख रहा है लेकिन फिर भी इंडक्शन चूल्हे का स्टॉक मंगवाया गया है।

वर्जन
जिले में रसोई गैस की किल्लत नहीं है। हर एजेंसी पर सिलिंडर उपलब्ध है। लोग धैर्य बनाए रखें। उन्हें गैस सिलिंडर प्रदान किया जाएगा। गोदामों का निरीक्षण किया गया है। एजेंसी संचालकों को नियमानुसार वितरण के निर्देश दिए गए हैं। -देवमणि मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी।
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