बलिया। निजी वीडियो वायरल करने के मामले में बांसडीह कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराने वाली भाजपा महिला कार्यकर्ता ने अब सीजीएम कोर्ट में शपथ पत्र देकर भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला ने आरोप लगाया है कि जिलाध्यक्ष ने प्राथमिकी में नामजद तीनों आरोपियों को संरक्षण दिया और उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने एक अक्तूबर को अदालत में दिए लिखित बयान में आरोप लगाया कि बांसडीह कोतवाली में जिला मंत्री आलोक, अजीत, गणेश और जिलाध्यक्ष संजय मिश्र के खिलाफ अश्लील वीडियो वायरल करने व दुष्कर्म की तहरीर दी थी। पुलिस पर दबाव डालकर जिलाध्यक्ष ने अपना नाम निकलवा लिया, मेरा बयान मजिस्ट्रेट के यहां न हो इसके लिए पुलिस ने वीडियो वायरल की प्राथमिकी 15 सितंबर को तीन पर दर्ज किया। पीड़िता ने शपथपत्र में दर्ज प्राथमिकी के विवेचना में भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम शामिल करने, चिकित्सीय परीक्षण कराने और न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराने की मांग की है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक विवेचक ने उसका धारा 180 बीएनएसएस के तहत बयान दर्ज नहीं किया है। एसीजीएम की अदालत ने एक अक्तूबर को विवेचक को मामले की निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। पुलिस पहले से वीडियो के प्रसारण और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इस बीच भाजपा नेत्री सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष पर आरोप लगा रही है। वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करती है। वहीं, इस बाबत कोतवाल बांसडीह राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व में दर्ज प्राथमिकी में जांच की जा रही है, अभी न्यायालय का कोई आदेश नहीं मिला है।
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जिलाध्यक्ष ने आरोपों को बताया साजिश
भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्र ने महिला कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए गहरी साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में शामिल लोगों की पहचान जल्द सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने इस तरह के आरोप की निंदा करते हुए कहा कि बेवजह आरोप लगाकर किसी के चरित्र का हनन करना बहुत गलत है। संजय मिश्र ने कहा कि जनता उनके चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ है। उनके अनुसार पूरे मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी और साजिश में शामिल लोगों का पर्दाफाश होगा। महिला पार्टी की कार्यकर्ता है।
अश्लील वीडियो से शुरू विवाद में भाजपा की अंदरूनी लड़ाई सतह पर
बलिया। भाजपा जिला मंत्री आलोक सिंह समेत तीन लोगों पर निजी वीडियो वायरल करने के मामले में प्राथमिकी और इसके बाद जिलाध्यक्ष संजय मिश्र पर महिला की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों ने पार्टी की अंदरूनी सियासत को भी सतह पर ला दिया है। प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर भाजपा के अलग-अलग खेमों से जुड़े समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं विपक्ष शांत है।
नई कार्यकारिणी के बाद बढ़ी खेमेबाजी की चर्चा
पार्टी के भीतर इस विवाद को हाल में गठित नई जिला कार्यकारिणी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि संगठन में जगह नहीं पाने वाले पुराने खेमे और मौजूदा संगठन से जुड़े लोगों के बीच अंदरूनी खींचतान इस विवाद के बहाने खुलकर सामने आ रही है। एक पक्ष की ओर से दूसरे पर राजधानी स्तर पर संगठन के कुछ प्रभावशाली लोगों से नजदीकी का लाभ उठाकर मौजूदा नेतृत्व को घेरने की रणनीति बनाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस विवाद में जिलाध्यक्ष को सिर्फ एक छोटा मोहरा बताया जा रहा है। यह लड़ाई आगामी विधान सभा चुनाव को लेकर प्रत्याशियों के बीच चल रही है। जिसमें बड़े-बड़े कद्दावर लोग लगे हैं, जो चुनाव में अपनी जमीन तलाश रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वरिष्ठ नेताओं ने साधी चुप्पी
विवाद बढ़ने के बावजूद पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पुराने कार्यकर्ता सार्वजनिक रूप से बयान देने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अंदरखाने नेताओं की ओर से दोनों पक्षों को संयम बरतने और मामले को संगठन के बाहर तूल नहीं देने की सलाह दी जा रही है। नेताओं का जोर है कि आरोप-प्रत्यारोप के बजाय पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया को अपना काम करने दिया जाए। फिलहाल एक तरफ महिला के आरोप और अदालत में चल रही प्रक्रिया है तो दूसरी तरफ जिलाध्यक्ष का आरोपों से साफ इनकार। वहीं सोशल मीडिया पर समर्थकों की सक्रियता ने मामले को केवल कानूनी विवाद न रखकर पार्टी के अंदरूनी संघर्ष की चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस जांच और अदालत की आगे की कार्रवाई से ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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पार्टी की आपसी लड़ाई में आरोप-प्रत्यारोप पर नजर: विनोद राय
बलिया। भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार राय ने कहा कि पार्टी के अंदर आपसी कलह में चल रहे आरोप-प्रत्यारोप पर नजर रखी जा रही है। इस तरह की गतिविधियां कही से भी उचित नहीं है। महिला के आरोप मामले में जिलाध्यक्ष से मैंने बात की और उनका पक्ष सुना हूं। उन्होंने अपनी सारी बातें मुझे बताया है। घटना पर नजर रखी जा रही है। पार्टी के अन्य नेताओं से भी जानकारी ली जा रही है। पार्टी की पीड़िता महिला नेत्री का पक्ष महिला मोर्चा की तरफ से लिया जाएगा। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराया जाएगा। कहा कि अगर पीड़िता का पक्ष का आरोप सही है तो बहुत गलत है। वहीं, अगर जिलाध्यक्ष को किसी तरह से फंसाने का प्रयास किया जा रहा है तो यह भी गलत है। दोनों पक्षों की बातों को सुनने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।