जिले में गोबर धन योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज हो गई है। इसके तहत चिलकहर ब्लॉक के बछईपुर स्थित पशु आश्रय स्थल परिसर को चिन्हित किया गया है। यहां बायोगैस संयंत्र लगाने के लिए 25 लाख की स्वीकृति मिली है। कार्यदायी संस्था भी नामित हो चुकी है अब धरातल पर उतारने की तैयारी है।
करीब एक वर्ष पहले शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत गोबर धन योजना के संचालन का निर्देश दिया गया। योजना के तहत जिले के बड़े पशुपालकों को जोड़ा जाना है। पहले चरण में जिले के 28 गो आश्रय स्थलों में प्रोजेक्ट शुरू किया जाना है। यहां बायोगैस संयंत्र स्थापित होगा और बिजली बनाने के लिए उच्च क्षमता के जनरेटर लगेंगे जो बायोगैस से ही चलेंगे। जैविक खाद बनाने के लिए हाईटेक कारखाना लगेगा। यहां से तैयार खाद को बाजारों में भी बेचा जाएगा। पहले चरण में चिलकहर ब्लॉक के बछईपुर स्थित गो आश्रय स्थल परिसर में 25 लाख की लागत से संयंत्र स्थापित करने के लिए शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। कार्य कराने के लिए संस्था भी नामित की जा चुकी है। विभागीय अधिकारी के अनुसार अगले माह कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
पाइप लाइन से होगी गैस की आपूर्ति
बछईपुर पशु आश्रय स्थल परिसर में संयंत्र लगने के बाद किसानों से भी गोबर लिए जाएंगे और इससे मिथेन गैस भी बनाई जाएगी। इस गैस को पाइप लाइन के जरिए ग्रामीणों के घरों तक पहुंचाया जाएगा। ग्रामीण इस गैस का उपयोग प्रकाश व खाना बनाने के लिए करेंगे। यह गैस सस्ती होगी जिससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
चिलकहर ब्लॉक के बछईपुर स्थित पशु आश्रय स्थल परिसर में गोबर धन योजना के तहत बायो गैस संयंत्र लगाए जाएंगे। शासन से स्वीकृति मिल चुकी है। संस्था भी नामित हो चुकी है। जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
- शैलेश कुमार ओझा, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन, बलिया।