बलिया। राष्ट्रीय राज्य मार्ग के टेंगरहीं गांव के पास मानक को दर किनार कर बना स्पीड ब्रेकर हादसे का कारण बन रहा है। स्पीड ब्रेकर पर अक्सर बाइक सवार अनियंत्रित होकर घायल हो रहे हैं।
सड़क हादसों की रोकथाम के लिए शासन ने सड़क सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर राह चलते लोगों को झटके लगने से बचाने के लिए टेबल टाप ब्रेकर बनाने का दिशा निर्देश जारी किया गया है। लेकिन, इनका पालन नहीं हो रहा है। टेंगरहीं गांव के एनएच-31 के ऊपर से ग्रीन फील्ड गुजर रहा हैं। वहां ब्रिज का निर्माण चल रहा है, निर्माणाधीन कार्यों में लगे वाहनों के आवाजाही के लिए हाईवे के वाहनों की गति धीमी करने के लिए प्लास्टिक हंप ब्रेकर व सफेद पट्टी की जगह निर्माण कंपनी मनमाने तरीके से सीमेंट व डामर का ऊंचा स्पीड ब्रेकर बनाया गया है।
ब्रेकर पर सफेद पेंट न होने से दूर से दिखाई नहीं पड़ रहा है। अचानक नजदीक आने पर ब्रेक मारने पर वाहन अनियंत्रित हो जा रहे हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। शनिवार को टेंगरही ब्रेकर पार करते समय बाइक उछलने से रानीगंज निवासी रामप्रवेश वर्मा घायल हो गए। वाहन चालकों का कहना है कि यदि ब्रेकर मानक के अनुरूप होता तो यह हादसा नहीं होता।
हाईवे पर ओझा कछुआ, फेफना सहित अन्य स्थानों पर प्लास्टिक हंप ब्रेकर बनाया गया है। जो खतरनाक नहीं और दूर से वाहन चालकों को दिख जाता है। जिला अस्पताल के आर्थों सर्जन डॉ. संतोष चौधरी ने बताया कि इन स्पीड ब्रेकर से वाहन चालकों की रीढ़ की हड्डी पर भी दबाव पडऩे से पीठ दर्द की समस्या बढ़ रही है। यही कारण है कि अस्पताल के ओपीडी में स्पाइनल इंजरी के मरीज बढ़ रहे हैं।