ददरी मेला के भारतेंदु कला मंच पर नपा की ओर से आयोजित सत्संग प्रवचन का शुभारंभ नपा अध्यक्ष साधना गुप्त, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण गुप्त एवं ईओ संतोष कुमार मिश्र ने किया। पहले दिन कथावाचक आशुतोष जी महाराज ने भगवान राम के मानवीय गुणों का बखान किया। कहा कि ईश्वर को पाने का सरल मार्ग भक्ति है।
असूर राज महाबली की दानवीरता एवं भक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गुरु शुक्राचार्य द्वारा भगवान बामन द्वारा ठगने की बात बताने के बावजूद बली ने सहर्ष भगवान को अपना सब कुछ दान कर दिया। राजा बली यह बखूबी जानते थे कि हमारे पास जो भी है वह नश्वर है। वहीं है तो भागवत भक्ति। इसलिए राजी बली ने स्वयं को भी दान में देकर भगवान को सदा के लिए अपना दास बना लिया।
आशुतोष महाराज ने कहा कि जो व्यक्ति मन वाणी वचन से एक बार शुद्ध अंत:करण से भगवान राम का नाम श्री राम कथा श्रवण एवं पाठन कर लेता है। उसके कार्य में विघभन, बाधा नहीं आती। शिव कुमार कौशिकेय, बद्री विशाल, अशोक सिंह मौजूद रहे। पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्त एवं ईओ संतोष मिश्र ने सभी संतो को फूल माला तथा रामनामी अंगवस्त्रों से सम्मानित किया।