कस्बे में भाकपा माले के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि हमारे रिश्ते चीन से ही नहीं, पाकिस्तान से भी अच्छे होने चाहिए। क्योंकि ये दोनों ही हमारे पड़ोसी मुल्क हैं, जबकि अमेरिका हमारा पड़ोसी नहीं है। वह सम्मेलन के समाप्त होने पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थायी सदस्यता के प्रश्न पर कहा कि विश्व में भारत एक उभरता हुआ देश है। उसे सदस्यता इस बूते मिल सकती है न कि अमेरिका का पिट्ठू बनने से। केंद्र सरकार पर जमकर हल्ला बोला। कहा कि बजट सत्र में भूमि अधिग्रहण, कोयला खदान, निजी प्रोत्साहन, बीमा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों का 49 प्रतिशत निवेश सहित आदि जनविरोधी अध्यादेश तमाम दलों और लोगों के विरोध के बाद भी लाए गए। भाकपा माले सरकार की तानाशाही सोच का विरोध करेगी।
हमारी अखिल भारतीय किसान महासभा 23 फरवरी को दिल्ली में विरोध दर्ज कराएगी। श्रम कानून में छेड़छाड़, जन कल्याणकारी योजना जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य आदि के बजट में भारी कटौती, देश की संपदा पर पूंजीपतियों को छूट देने के सवाल पर कि हम आल इंडिया पीपुल्स फोरम के बैनर तले विरोध दर्ज कराएंगे। कहा कि देश के प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति के आगमन पर दस लाख का सूट पहन रहे हैं। यह अय्याशी का प्रतीक है। आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और संघ परिवार की तरफ से धर्मांतरण, घर वापसी, लव जेहाद जैसी धार्मिक उन्माद भाजपा थोपने का प्रयास कर रही है। यह देश बर्दाश्त नहीं करेगा।
भाजपा के नौ माह के शासनकाल में लोगों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। बताया कि तीन और चार अप्रैल को भुवनेश्वर में सम्मेलन होगा। चार से छह मई तक पटना में ट्रेड यूनियन का सम्मेलन होगा। 30 और 31 मई को लखनऊ में सम्मेलन होगा। पत्रकारवार्ता में केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुधाकर यादव, कृष्णा आदि मौजूद रहे।