अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के तहत मंगलवार को पूर्वांचल ग्रामीण चेतना समिति राघोपुर की ओर से रामलीला मैदान के प्रांगण में महिला दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि आकांक्षा समिति की उपाध्यक्ष रुचि सिंह ने महिलाओं का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि दरिंदों के सामने कभी मत झुको। उनका मुकाबला दुर्गा और काली बनकर करो।
कार्यक्रम की शुरुआत रुचि सिंह और विशिष्ठ अतिथि अमृत सेवा संस्थान के निदेशक अजय कुमार सोनी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान परसिया स्थित फ्रांसिस स्कूल की छात्राओं द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। सबसे पहले छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
इसके बाद कव्वाली, एक गीत, दहेज गीत, नाटक आदि प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रुचि सिंह ने कहा कि भारतवर्ष पुरुष प्रधान देश है। यहां के लोग महिलाओं को मशीन मानकर काम लेते हैं और तानाशाही रवैया अपनाते हैं। उनका उत्पीड़न करते हैं।
जबकि महिलाओं से ही देश और समाज का विकास तथा तरक्की संभव है। ऐसे में महिलाआें का उत्पीड़न और शोषण हर हाल में बंद होना चाहिए। महिलाओं का आह्वान किया कि अपने आपको पहचानिए और अपने पैरों पर खड़ा होना सीखिए।
कहा कि आज की महिलाएं खेलकूद, सेना, राजनीति आदि में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अंतरिक्ष जाने का काम कर रही हैं। ऐसे में महिलाओं को आगे आना चाहिए। तभी महिलाओं के साथ हो रहे उत्पीड़न और शोषण पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए पूर्वांचल ग्रामीण चेतना समिति की प्रशंसा की। विशिष्ठ अतिथि अजय कुमार ने कहा कि महिलाएं देश की सम्मान और गरिमा हैं। आज के परिवेश में पूरे विश्व की तरक्की में कहीं ना कहीं महिलाओं का योगदान है।
इसका सम्मान हरहाल में होना चाहिए। उन्होंने महिलाओं को अपने सम्मान की रक्षा के लिए स्वयं आगे आने के लिए आह्वान किया। आश्वासन दिया कि संस्था द्वारा महिलाओं और लड़कियों के उत्थान के लिए जो भी आदेश होगा, उसके लिए सदैव तत्पर रहूंगा। इस मौके पर सावित्री, उर्मिला, प्रभा, अनार कली, शीला, पुष्पपिता आदि मौजूद रहीं। अंत में संस्था के निदेशक फादर ज्ञान प्रकाश और सिस्टर साधना ने आभार प्रकट किया।