दिल्ली स्थित एक कोचिंग में हुए हादसे के बाद शासन ने इमारतों के बेसमेंट की जांच के निर्देश दिए हैं। ऐसी इमारतों को चिह्नित कर भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर उनके बेसमेंट बंद कराए जाएंगे। दिल्ली में हुए कोचिंग हादसे के बाद अब प्रदेश सरकार सजग हो गई है। उन्होंने सभी ऐसे भवनों को चिह्नित करने के आदेश जारी किए हैं। जिनके बेसमेंट का उपयोग व्यावसायिक व आवासीय में हो रहा है।
जनपद में भी सर्वे प्रारंभ हो गया है, सबसे पहले शहरी क्षेत्र की इमारतों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। भवन स्वामी अगर इन्हें बंद नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही इन इमारतों के नक्शों की जांच भी की जाएगी कि इसमें नक्शे में बेसमेंट की स्वीकृति मिली है या नहीं। या फिर अवैध तरीके से इसका निर्माण किया गया है। साथ ही नक्शे में जो उपयोग दिखाया गया है, उस प्रकार से उपयोग हो रहा है या फिर नक्शे का स्वरूप परिवर्तन किया गया है। इस सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन स्वामियों पर कार्रवाई होगी।
कई नक्शे पार्किंग के नाम से हैं स्वीकृत
विनियमित क्षेत्र के नियमानुसार बेसमेंट का प्रयोग आवासीय व व्यावसायिक नहीं किया जा सकता है। न ही इसके नक्शे पास होते है, ऐसे में भवन स्वामियों ने पार्किंग के नाम पर नक्शे पास कराकर उनका उपयोग व्यावसायिक कर रहे हैं।
शासन ने ऐसी इमारतों को चिह्नित करने के लिए आदेश जारी किए हैं। जिन इमारतों में बेसमेंट उपलब्ध हैं। उनका उपयोग नक्शे के अनुरूप हो रहा है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। यदि ऐसे बेसमेंट मिले। जिनका उपयोग कॉमर्शियल या आवासीय होगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी।- आत्रेय मिश्रा, उपजिलाधिकारी सदर, बलिया।