बलिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बैंकों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को दूसरे दिन भी सभी प्रमुख बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। एलडीएम अशोक पांडेय ने बताया कि बैंकों के लगातार दो दिनों की बंदी से कुल 300 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ। सभी प्रुमुख बैंकों के बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल को लेकर बैंक कर्मचारियों ने एसबीआई की मुख्य शाखा से बाइक जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्रदर्शन किया। लगातार दूसरे दिन बैंकों की हड़ताल और लगातार चौथे दिनों बैंकों के बंद रहने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। बैंककर्मियों ने कहा कि केंद्र एक के बाद एक बैंकों को मर्ज करते जा रहा है, लेकिन इन बैंकों के बकाया वसूली को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बना रही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर हड़ताल में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी), ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्लू) सहित कुल नौ बैंक यूनियनें शामिल रहीं। प्रदर्शन करने वालों में केएन उपाध्याय, राजेश अग्रवाल, अशोक यादव, पुनीत श्रीवास्तव, चंद्रशेखर सिंह, शंभूनाथ सिंह, अमित सिंह, आरके सिंह, आनंद मिश्रा आदि रहे।
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कुछ एटीएम बंद तो कुछ चलते रहे
बलिया। लगातार चार दिनों तक बैंकों की बंदी का मंगलवार को भी एटीएम पर छिटपुट ही असर रहा। हालांकि कुछ एटीएम जरुर बंद रहे लेकिन अधिकांश एटीएम पर पैसा उपलब्ध रहने से लोगों को राहत मिली।