बलिया। जिले के राष्ट्रीयकृत बैकों में शनिवार यानी आज से चार दिन तक कामकाज ठप रहेगा। जनपद के करीब 212 बैंक शाखाओं में चार दिन तक ताला लटकता रहेगा। हालांकि सहकारी बैंकों की 24 शाखाओं में हड़ताल के दौरान कामकाज सामान्य दिनों की भांति होता रहेगा। माह का दूसरा शनिवार 13 मार्च को है और 14 मार्च को रविवार के कारण बैंक बंद रहेंगे। 15 और 16 मार्च को बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे, इसकी वजह से अब बैंक सीधे 17 मार्च बुधवार को खुलेंगे। बैंकों के निजीकरण के विरोध में आवाज उठाने वाले कर्मचारियों और अफसरों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर होने के कारण ऐसा होगा। इससे व्यापारियों और आम ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंकों के निजीकरण के विरोध में लामबंद हुए बैंक यूनियन के कर्मचारियों ने 15 और 16 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है। यूनियन के नेता बैंक शाखाओं का भ्रमण कर सहयोगियों से पूर्णबंदी का आह्वान कर रहे हैं। हालांकि उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए सभी बैंकों के एटीएम में शुक्रवार को ही नकदी डालने की व्यवस्था की गई लेकिन चार दिनों बंदी में कब तक एटीएम लोगों को राहत पहुंचाएगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
बता दें कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने सरकारी क्षेत्र के दो बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में इस हड़ताल का आह्वान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते एक फरवरी को पेश आम बजट में विनिवेश कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी। इसमें आईडीबीआई बैंक और सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों का निजीकरण, एलआईसी में विनिवेश, एक साधारण बीमा कंपनी का निजीकरण, बीमा क्षेत्र में 74 प्रतिशत तक एफडीआई की मंजूरी और सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री आदि शामिल हैं। उधर, बैंकर्स यूनियन के नेता केएन उपाध्याय ने बताया कि हड़ताल में सरकारी और निजी सभी बैंक शामिल रहेंगे।
कोट
15 और 16 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। चार दिन की बंदी से वित्तीय कारोबार और ग्राहकों को काफी नुकसान होगा। हालांकि उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से सभी बैंकों के एटीएम में पैसा डालने का निर्देश दिया गया है। इससे ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी। - अशोक कुमार पांडेय, एलडीएम
तीन सौ करोड़ का व्यवसाय होगा प्रभावित
जनपद में सरकारी और निजी क्षेत्र के विभिन्न बैंकों की 212 शाखाएं हैं। जिनके द्वारा प्रतिदिन करीब 150 करोड़ रुपए का कारोबार किया जाता है। अगर दो दिनों तक बैंकों में हड़ताल रही तो करीब तीन सौ करोड़ रुपए का कारोबार बाधित होगा।
एटीएम में धन डालने की नहीं है कोई व्यवस्था
वैसे तो सभी बैंकों द्वारा शुक्रवार को अपने एटीएम में नकदी डालने की दिनभर कवायद की गई। लेकिन हड़ताल के दिन यानी सोमवार और मंगलवार को एटीएम में नकदी डालने की कोई व्यवस्था संबंधित बैंकों द्वारा नहीं की गई है। ना ही इसकी मानिटरिंग की कोई व्यवस्था की गई है। इससे आने वाले दिनों में आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों की मुश्किलें भी बढ़ेगी।