बैंक में शनिवार से तीन दिनों की बंदी के बीच लोगों को कैश के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को बैंक बंदी के तीसर दिन भी एटीएम के शटर नहीं खुले, जिससे लोग कैश के लिए इधर-उधर भटकते हुए दिखाई दिए। नोटबंदी के आदेश के बाद यह पहला अवसर रहा जब बैंक में लगातार तीन दिनों की छुट्टी रही।
ऐसे में कैश को लेकर लोगों की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ गई हैं। लोगों का कहना है कि बैंकों में बंदी है तो कम से कम एटीएम खुलना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। एटीएम के भी शटर नहीं खुले, जिससे कैश के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार को इसके लिए व्यवस्था अवश्य ही करनी चाहिए। इन तीन दिनों की बंदी के बाद मंगलवार को जब बैंक खुलेंगे तो भारी भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है।
जनपद में करीब दो सौ एटीएम हैं, जिसमें 50 फीसदी से अधिक एटीएम नोटबंदी के आदेश के बाद एक-दो दिन ही खुले होंगे। ऐसे एटीएम लगातार बंद रह रहे हैं, जिससे कैश की समस्या अभी भी बनी हुई है। बैंक के अधिकारी भी एटीएम खुलवाने के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। वे कैश की किल्लत वजह दिखाकर अपना काम कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो नगरीय क्षेत्र की स्थिति भी सहीं नहीं रही। यहां भी 40 के करीब एटीएम हैं, जिसमें सोमवार को एक भी एटीएम के शटर के ताले नहीं खुले।