मरीजों को बेहतर इलाज न मिलने व उन्हें रेफर करने पर सीएमएस डॉक्टर एसके यादव को फटकार लगाई। अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ा होने पर कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में बनने वाले क्रिटिकल केयर के बारे में सीएमएस से जानकारी मांगी।
उन्होंने सीएनडीएस के जेई द्वारा जमीन की कमी के बारे में जानकारी देने पर मंत्री बिफर पड़े। वह सभी के साथ ट्रामा सेंटर के पश्चिम खाली जमीन को देखा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के जेई को तत्काल मौके पर बुलाने का निर्देश दिया कहा कि अगर क्रिटिकल केयर रहता तो मरीजों को वाराणसी व मऊ जाने की जगह यही पर इलाज होता तो कईयों की जान बच जाती।
कहा कि अगर जमीन की कमी होगी तो जरूरत पड़ी तो सीतापुर अस्पताल की जमीन ली जाएगी। पूरे परिसर का जायजा लेने के बाद सीएमओ कार्यालय में बैठे। जेई के लेट होने उन्होंने अपने सचिव से उसे संस्पेड करने का लेटर भेजने का निर्देश दिया।
इसकी खबर लगते ही डीएम की बैठक छोड़कर सीएमओ डॉक्टर संजीव वर्मन व जेई प्रेम दौड़े हुए पहुंचे। जिसके बाद जमीन की नापी करवाई। जमीन पूरी होने पर अधिकारियों को प्रस्ताव जल्द तैयार कर शासन को भेजने को कहा। इस दौरान पूर्व मंत्री नारद राय ने इमरजेंसी में ऑक्सीजन की उपलब्धा के बारे में सीएमएस से जानकारी मांगी तो उन्होंने स्टोर में ऑक्सीजन सिलेंडर व कंस्ट्रेटर मशीन होने की जानकारी दी।
पूर्व मंत्री ने पाइप लाइन से बेडों को जोड़ने को कहा। परिवहन मंत्री ने सीएमएस से अस्पताल की आ रही शिकायतों में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया। इस दौरान नकुल चौबे, अरूण कुमार बंटू, पप्पू पांडेय, किशन सिंह, उपेन्द्र सिंह, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
ट्रामा सेंटर के ऊपर शुरू होगा आईसीयू वार्ड
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को रेफर करने पर सीएमएस को फटकार लगाई। कहा कि बिना रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के जांच के ईएमओ या फार्मासिस्ट मरीज को रेफर करने की जानकारी मिली तो कार्रवाई तय है।
सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने ट्रामा सेंटर के ऊपर आईसीयू वार्ड चालू करने की जानकारी दी। कहा कि आजमगढ़ से चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी ट्रेनिंग ले चुके हैं। आईसीयू वार्ड चालू होने के बाद सड़क दुर्घटना सहित अन्य गंभीर मरीजों को वाराणसी रेफर करने की जगह तुरंत वेंटिलेटर की सुविधा मिलने से जान बच जाएगी।