बलिया। नगरपालिका परिषद के चेयरमैन अजय कुमार और अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा के मध्य कर संग्रहक के निलंबन को लेकर छिड़ी रार थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले चेयरमैन ने ईओ पर कर संग्रहक को बेवजह निलंबित करने का आरोप लगाते हुए निलंबन को तत्काल प्रभाव से रोक दिया था। अब शुक्रवार को अधिशासी अधिकारी ने चेयरमैन पर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने और अपने अधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए नगर निकाय के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है।
अपने पत्र में ईओ ने उल्लेख किया है कि नपा के आउटसोर्सिंग पंप अटेंडेंट अनिल श्रीवास्तव ने चेयरमैन के खिलाफ उच्च न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इसमें उच्च न्यायालय की ओर से नोटिस उन्हें ही भेजी जाती थी लेकिन अध्यक्ष द्वारा इस पर ध्यान न देने तथा पैरवी के तौर पर कोई वकील निश्चित न करने के कारण अनिल श्रीवास्तव द्वारा न्यायालय के आदेश की अवहेलना दाखिल की गई। उच्च न्यायालय द्वारा अपने आदेशों की अवहेलना मानते हुए जब आदेश पारित किया गया, तब मुझ पर मामले में कार्यवाही के लिए दबाव बनाया जाने लगा। ईओ ने अपने पत्र में जिक्र किया है कि अध्यक्ष तथा वादी अनिल श्रीवास्तव में सांठगांठ है। पालिका में अपात्र को भी पात्र बनाकर नियुक्ति कराना चाहते हैं। इसी मंशा के तहत चेयरमैन ने पूर्व में मेरे द्वारा नियुक्त किए गए पैरोकार को हटाकर लिपिक कृष्ण राघव मिश्र को मामले को हस्तगत करने का आदेश दे दिया गया था। इतना ही नहीं, कुछ समय पूर्व मेरे साथ कार्यालय में दुर्व्यवहार करने वाले दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाए बिना जांच के ही निलंबन को अध्यक्ष द्वारा बहाल कर दिया गया। अधिशासी अधिकारी ने अध्यक्ष द्वारा नवंबर 2019 से आज तक बोर्ड की बैठक नहीं कराने का भी आरोप लगाया है।
ईओ द्वारा लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। अधिशासी अधिकारी अपनी कमियों को छिपाने के लिए अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। - अजय कुमार, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद, बलिया