केवल 15 से 20 घर बचे
दया छपरा। बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगा उस पार भगवानपुरा व चक्की नौरंगा 1970 में आबाद हुए। भगवानपुर मौजा के 500 एकड़ जमीन पर चक्की नौरंगा स्थापित हुआ। 2025 तक गंगा की बाढ़ में भगवानपुर मौजा समेत चक्की नौरंगा गांव विलिन हो चुका है। अब केवल 15 से 20 घर चक्की नौरंगा में बचे हुए है। चक्की नौरंगा में करीब 250 अधिक घर थे। पिछले साल आई बाढ़ में 75 प्रतिशत आबादी और जमीन नदी में समा गई।
2003, 2013, 2016 व 2019 में गंगा ने सबसे ज्यादा नुकसान किया
गंगा नदी ने 2003, 2013, 2016 व 2019 में सबसे ज्यादा नुकसान तटवर्ती इलाकों में पहुंचाया। जिसमें एनएच-31 पर भी खतरा बना है। मझौवां से लेकर दुबेछपरा तक 30 गांवों पर खतरा बना हुआ है। 2013 की बाढ़ में एनएच-31 के ऊपर से पानी गुजरने लगा था। उस समय मार्ग पर यातायात बंद हो गया था। 2016 में गीता प्रेस का बंधा कटने पर गोपालपुर गांव के दुबेछपरा व उदईपुर में नुकसान पहुंचाया था।
- नदियों से प्रभारित कुल गांव- 379
- कुल बाढ़ चौकी- 61
- कुल शरणालय- 72
क्या बोले लोग
एनएच-31 पर दस वर्षों से शरण लिए हुए हैं। लेकिन प्रशासन ने अब तक सुध नहीं ली। हर पल खतरा बना रहता है। बाढ़ के समय नींद भी हराम हो जाती है। जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं।
-राजन पासवान, दुबेछपरा
बाढ़ का सीजन आते ही रूह कांप जाती है। बंजारों से जिंदगी हो गई है। गांव कटने के बाद से अब बेटे-बेटियों की शादी भी इसी झोपड़ी से करनी मजबूरी है। शौच व नहाने में दिक्कत होती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
-प्रभावती देवी, दुबेछपरा
गांव में अच्छी खासी जिंदगी चल रही थी लेकिन बाढ़ ने सड़क पर लाकर छोड़ दिया। प्रशासनिक अमला दस वर्षों से केवल आश्वासन ही दे रहा है। इसी झोपड़ी में अपनी जिंदगी चल रही है।
-लाल मुनि देवी
कटानरोधी परियोजनाओं की प्रगति
- सरयू तट पर मझवलिया-सोनबरसा तटबंध किमी 1.250 से 1.950 के मध्य 9.78 करोड़ से 51 प्रतिशत काम हुआ है।
- ग्राम समूह दूबेछपरा में 9.85 करोड़ से हो रहा काम 76 प्रतिशत हुआ है।
- गंगा नदी के बाएं किनारे सेमरिया, शिवपुर कपूर दियर, सेमरिया डेरा नारायण राय का डेरा व लगन टोला में 9.97 करोड़ से 80 प्रतिशत काम हुआ है।
- ग्राम समूह चक्की नौरंगा व जवैनिया में 9.98 करोड़ से 77 प्रतिशत काम हुआ है।
- नौरंगा व भगवानपुर में 24.97 करो़ड़ से 77 प्रतिशत काम हुआ।
क्या कहते हैं अधिकारी
गंगा व सरयू की कटान से गांवों को बचाने के लिए शासन की तरफ से परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। अतिशीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इसकी प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। कटान व बाढ़ के सुरक्षात्मक अन्य कार्य भी किए जा रहे हैं। बंधों की निगरानी के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
-इं. संजय कुमार मिश्रा, एक्सईएन बाढ़ खंड