एसपीडीपी तिवारी ने बताया कि इस फर्जीवाद में बस स्टैंड से जलाल अहमद पुत्र स्वर्गीय मोबीन जुनैद अहमद पुत्र शमशेर शाह हिमांशु बरनवाल पुत्र दिलीप बरनवाल निवासी रतसर थाना गढ़वाल को गिरफ्तार किया गया है। तलाशी में उनके पास से उपस्थिति रजिस्टर चार अपॉइंटमेंट लेटर तीन कैंडिडेट लिस्ट 10 कैंडिडेट को सूचित करने वाली लिस्ट की छाया प्रति बरामद की है।
साइबर सेल और शहर कोतवाली पुलिस ने सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सरकारी नौकरी का लालच देकर लोगों को फर्जी नियुक्ति पत्र देते थे और इसकी एवरेज में मोटी रकम वसूलतेत थे। यही नहीं फर्जी नियुक्ति पत्र पर जिला न्यायाधीश के कूट रचित हस्ताक्षर और हाई कोर्ट की मुहर का भी प्रयोग करते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ फिर दर्ज कर उनका चालान कर दिया है।
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एसपीडीपी तिवारी ने बताया कि इस फर्जीवाद में बस स्टैंड से जलाल अहमद पुत्र स्वर्गीय मोबीन जुनैद अहमद पुत्र शमशेर शाह हिमांशु बरनवाल पुत्र दिलीप बरनवाल निवासी रतसर थाना गढ़वाल को गिरफ्तार किया गया है। तलाशी में उनके पास से उपस्थिति रजिस्टर चार अपॉइंटमेंट लेटर तीन कैंडिडेट लिस्ट 10 कैंडिडेट को सूचित करने वाली लिस्ट की छाया प्रति बरामद की है। अंशु बरनवाल के पास से दो जॉइनिंग लेटर भी बरामद हुआ है जो अजीत कुमार राजेशन बार एसोसिएशन इलाहाबाद सिकंदरपुर (न्यायालय) सभ्य गुप्ता राजेशन बार एसोसिएशन इलाहाबाद सिकंदरपुर (न्यायालय) को जारी किया गया है। इस पर जिला न्यायाधीश अशोक कुमार सप्तम का हस्ताक्षर अंकित है और हाई कोर्ट की मोहर भी है।
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि उनका एक गिरोह है जो कूट रचना करके फर्जी जॉइनिंग लेटर और दस्तावेज तैयार करते हैं। उन्होंने उन्होंने बताया कि उनके गृह में निहाल सिंह पुत्र कदम निवासी रामपुर थाना शहर कोतवाली, हातिम पुत्र मोहम्मद आरिफ निवासी बिशुनीपुर सब्जी मार्केट, सिराजुद्दीन पुत्र शमसुद्दीन निवासी बिशुनीपुर शामिल है। सरकारी नौकरी का लालच देकर प्रति कैंडिडेट एक लाख लेते हैं। इसमें 40 हजार हातिम को और निहाल को देते हैं। बाकी 60 हजार आपस में बांट लेते हैं। हाकिम और निहाल फर्जी नियुक्ति पत्र बना कर देते हैं। आरोपियों की निशानीदेही पर शेष तीनों अभियुक्त को भी रेलवे क्रासिंग काजीपुरा से गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से भी फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर और 53 जॉइनिंग लेटर बरामद किए गए हैं। हातिम ने पूछताछ में कि वह और निहाल कचहरी में संविदा पर नौकरी करते हैं। इसी का फायदा उठाकर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करते हैं।