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पंडालों का अंतिम रूप देने में लगे कलाकार

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बलिया। शारदीय नवरात्र के आरंभ होते ही पंडाल बनाने वाले समिति के लोग पंडाल की भव्यता देने में रात-दिन लगे हुए हैं। वहीं मूर्तिकार मां की प्रतिमा को अंतिम रूप में देने में लगे हैं। इस वर्ष अधिकांश पंडालों का निर्माण समिति के सदस्य स्वयं कर रहे हैं। जिले के 22 थाना अंतर्गत कुल 636 स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसमें 16 मूर्तियां स्थायी रूप से स्थापित हैं। शहर कोतवाली में 30 स्थानों पर प्रतिमा स्थापित की जाती है लेकिन कुछ स्थानों पर बरसात और नाले का पानी लगने के कारण पंडाल नहीं बन रहे हैं, बल्कि कि किसी तरह कोरम पूरा किया जा रहा है। पंडाल के निर्माण का कार्य कलाकारों द्वारा तेजी किया जा रहा है। प्रत्येक समिति के सदस्य विभिन्न तरीके के पंडालों का निर्माण करने में लगे हुए हैं। नगर के जगदीशपुर स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा सेवा संस्थान वर्ष 1948 से मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित करते चले आ रहे हैं। यह संस्थान जिले का सबसे पुराना है। यह बंगाली समाज द्वारा संचालित होती है। यहां मां का पट प्रत्येक वर्ष षष्ठी तिथि को खुलता है। इसके बाद आर्यसमाज रोड श्रीदुर्गा भक्त कमेटी है, जो वर्ष 1961 से प्रतिमा स्थापित करती चली आ रही है। वहीं, तीसरे नंबर पर ओक्डेनजगंज की श्रीदुर्गा पूजा समिति है, जो 1978 से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करती चली आ रही है। नगर में कुल 30 पंडालों का निर्माण विभिन्न समितियों द्वारा किया जाता है। लेकिन इस वर्ष कुछ स्थानों पर बरसात व नाले का पानी लगने के कारण पंडाल का निर्माण नहीं हो रहा है। बल्कि समिति के सदस्यों द्वारा पूजन किया जाएगा।
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