बलिया। शहर कोतवाली पुलिस ने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर समूह घ के तहत बलिया न्यायालय में नौकरी करने वाले मऊ जनपद निवासी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसका चालान न्यायालय के लिए कर दिया गया है।
कोतवाली प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि हाईकोर्ट प्रयागराज ने 16 मई 2023 को जारी अपने एक आदेश में समूह घ के 31 कर्मियों की नियुक्ति कर जनपद बलिया के लिए भेजा था। साथ ही जिला जज को उसकी पहचान व दस्तावेजों का सत्यापन कर नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे। दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान पता चला कि एक अभ्यर्थी धर्मेन्द्र यादव, अनुक्रमांक- 87323272, पुत्र रामसमुझ यादव निवासी ग्राम पिपरी, अमिला, थाना दोहरीघाट, जिला-मऊ के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए।
30 अगस्त को सत्यापन कराने पर धर्मेन्द्र यादव की फोटो व उच्च न्यायालय के पोर्टल पर उपलब्ध फोटो में भिन्नता पाई गई। पूछताछ पर धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि दूसरी फोटो आलोक सिंह निवासी गोरखपुर की है। इससे वास्तविक अभ्यर्थी कौन है स्पष्ट न होने और एक अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी कर परीक्षा देकर नौकरी प्राप्त करने के लिए उपस्थित होने की तहरीर अशोक कुमार उपाध्याय मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सिविल कोर्ट बलिया ने शहर कोतवाली में दी। इस आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।