गाजियाबाद से झारखंड के देवघर के लिए पैदल चलकर मठ योगेंद्र गिरी पहुंचे मजदूर ।
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जयप्रकाश नगर। लॉकडाउन में काम बंद होने के बाद भोजन के लाले पड़ने पर प्रवासी मजदूर पैदल और साइकिल से घरों को आने के लिए मजबूर हैं। रास्ते में भूखे प्यासे मजदूरों को कोई पूछने वाला नहीं है। परिजनों और रिश्तेदारों संग गाजियाबाद से झारखंड जा रही दो महिलाओं ने भूख मिटाने के लिए अपना मंगलसूत्र बेच दिया और भोजन की व्यवस्था की।
मठ योगेंद्र गिरि पर शनिवार को झारखंड राज्य के देवघर जनपद के रोहनिदेव गांव निवासी राजमती देवी पत्नी राघव दास और बसंती देवी पत्नी पवन दास अपने-अपने पति सहित कुल तेरह रिश्तेदारों के साथ गाजियाबाद से पैदल पहुंची। बताया कि वहां पर सभी मजदूरी का काम किया करते थे और कुल मिलकर तीन कमरे किराए पर लेकर रहा करते थे। जब लॉकडाउन लागू हुआ तो काम बंद हो गए और जो पैसे पास थे या दुकानदार से उधार लेकर खाया करते थे। महिलाओं ने बताया कि जब भोजन पर लाले पड़ गए तो हम दोनों ने अपना मंगलसूत्र बेचकर परिजन व अपने रिश्तेदारों के लिए रास्ते में खाने का इंतजाम किया और पैदल ही घर को निकल पड़े। बताया कि दोनों मंगलसूत्र 10800 रुपये में बेचा था और तीन मई को अपने घर के लिए चले थे।