बलिया। उत्तर प्रदेश में बेतहाशा बढ़ रही महिला हिंसा, बलात्कार व हत्या की घटनाओं को लेकर अखिल भारतीय प्रगतिशिल महिला एसोसिएशन (ऐपवा) ने सात सुत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रे में शुक्रवार को प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। जिसमें हाथरस कांड के दोषियों को कड़ी सजा देने के अलावा पीड़िता के शव को परिवारजनों की गैर मौजूदगी में जलाने की घटना को जाति उत्पीड़न की घटना बताते हुए दोषी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत गिरफ्तार कर के तहत कानूनी कारवाई करने की मांग की। ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में विफल प्रदेश की योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग के साथ ही हाथरस समेत बलरामपुर, आजमगढ़, भदोही एवं अन्य जिलों में घटित महिला हिंसा की घटनाओं में दोषी अपराधियों एवं बलात्कारियों के मुकदमें फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित करने, प्रदेश में बढ़ती दलित उत्पीड़न की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक भूमिहिन दलित परिवार को सरकारी भूमि आवंटित करने और जमीन के पट्टे भी महिलाओं के नाम करने के साथ ही हाथरस की घटना में पीड़िता के परिवार से मिलने गये आंदोलकारियों पर दर्ज किए गए मुकदमें को अविलम्ब वापस लेने की मांग की है। रेखा पासवान, लीलावती भारती, सोमरिया देवी, किरन देवी, सरोज, आशा, सुमन देवी, दुर्गावती, श्रीमती मिथिलेश, ज्योति देवी, उषा, शान्ति, कमला प्रजापति, चम्पा, सरिता, मान्ति, रमावती आदि रहीं।