बलिया। जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता ने शासन को पत्र लिखकर 44 स्कूलों के 179 शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों की नियुक्ति को अनियमित करार देते हुए वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। इसमें चार प्रवक्ता, 80 सहायक अध्यापक, चार लिपिक, 10 सहायक लिपिक और 81 परिचारक शामिल हैं।
डीआईओएस ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को प्रेषित रिपोर्ट में उल्लेख किया कि जनपद बलिया के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों तथा संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह की ओर से फर्जी एवं अनियमित नियुक्ति कर राजकोष से करोड़ों रूपये का अवैध भुगतान किया जा रहा था। रिपोर्ट में जिक्र है कि तत्कालीन डीआईओएस ने 32 इंटर कॉलेजों में अनियमित रूप से शिक्षक, सहायक लिपिक, परिचारकों एवं 12 संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में 58 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति कर राजकोष से करोड़ों रुपये का अवैध भुगतान लगातार किया जाता रहा था। नौ नवंबर 2023 के शासनादेश के बाद भी तत्कालीन डीआईओएस द्वारा तदर्थ शिक्षकों का भी वेतन भुगतान लगातार किया गया है।
साथ ही रमेश सिंह द्वारा आउटसोर्सिंग से परिचाकों के भर्ती के शासनादेश लागू होने के बाद भी अनियमित तरीके से परिचारकों की स्थाई नियुक्ति की गई है। इतना ही नहीं संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में प्राथमिक स्तर के (गैर अनुदानित) में भी अध्यापकों की नियुक्ति करके राजकोष से वेतन का भुगतान कराया गया है।