मनियर नगर पंचायत के गौशाला में दुरव्यवस्था व चारा के अभाव में मर रहे बछड़े का निरीक्षण करतीं एस ड?
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सिकंदरपुर। नगर पंचायत सिकंदरपुर की ओर से पुराने नगर पंचायत भवन में बनाए गए पशु आश्रय में सोमवार की सुबह चारे के अभाव में एक पशु की मौत हो गई जबकि अन्य कुछ पशुओं की हालत खराब है। इससे पहले भी पशु आश्रय में कई पशुओं की मौत हो चुकी है जिन्हें परिसर में ही नगर पंचायत प्रशासन ने दफ्न करा दिया था।
प्रदेश सरकार पशुओं के रखरखाव के लिए काफी धन खर्च कर रही है लेकिन वह धन कहां जा रहा है यह कोई भी बताने की स्थिति में नहीं है। पहले पशु आश्रय स्थल में करीब पांच दर्जन से अधिक पशु थे लेकिन अब सिर्फ 12 पशु ही हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो दो दर्जन से अधिक पशुओं की अब तक मौत हो चुकी है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी सिकंदरपुर राजेश कुमार यादव ने बताया कि जानकारी नहीं है। अगर बछड़े की मौत हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी और शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जो दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
तीन पशुओं की मौत के बाद पहुंचा भूसा, चोकर : मनियर। नगर पंचायत मनियर की ओर से गौराबगही स्थित मठिया में खुले कान्हा पशु आश्रय गोशाला में चारे के अभाव में रविवार को तीन पशुओं की मौत की घटना के दूसरे दिन सोमवार को एसडीएम बांसडीह अन्नपूर्णा गर्ग ने सोमवार को बाद कान्हा पशु आश्रय का निरीक्षण लिया। उन्होंने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराने निर्देश नगर पंचायत को दिया। तहसीलदार बांसडीह शिव सागर दूबे ने रविवार को पशु आश्रय स्थल का निरीक्षण किया था और तीन पशुओं की मौत मामले में थानाध्यक्ष को केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। सोमवार को उप जिलाधिकारी बॉसडीह अन्नपूर्णा गर्ग ने कान्हा पशु आश्रय पर पहुंचकर मृत बछड़ों का पोस्टमार्टम कराकर रिपोर्ट सौंपने को कहा। एसडीएम ने रजिस्टर देखा। तीन पशु मृत मिले और एक की हालत गंभीर पाया गया। 37 जीवित बछड़े पाए गए। एसडीएम ने कहा कि चारे के अभाव में बछड़ों की मौत पर कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। प्रत्येक दिन की शासन को रिपोर्ट दें। सोमवार की सुबह तीन नए बछड़े पशुआश्रय में आएं। उधर तीन बछड़ों की मौत पर सोमवार को पशु शाला की साफसफाई कराई गई और पशुओं के लिए भूसा, चोकर उपलब्ध करा दिया गया। अस्थाई शेड भी लगाया जा रहा है। पशु विभाग के डिप्टी सीबीओ मनोज कुमार राव ने बताया कि केवल भूसा खिलाने से पशुओं की हड्डियां कमजोर हो रही हैं। इन्हें कैल्शियम युक्त चारा की आवश्यकता है। उप जिलाधिकारी ने ईओ मनियर संजय राव से शासन से मिलने वाली सहायता के बारे में भी पूछताछ की। ईओ ने बताया कि 15 जनवरी से बछड़े रह रहे हैं जिसमें अभी तक शासन से मात्र 35544 रुपये मिले हैं। जिसमें 34590 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जबकि अभी तक बछड़ों के खानपान पर उधार बाकी लेकर लाखों रुपया खर्च किए गए हैं।