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एमडीएम में खराब चावल परोसने पर नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय पर जड़ा ताला

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राथमिक विद्यालय भुइली पर मध्यान भोजन में खराब चावल देख ग्रामीण भड़क उठे। उच्चधिकारियो के निर्दे - फोटो : BALLIA
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बांसडीहरोड। शिक्षा क्षेत्र दुबहड़ अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय भुइली पर सोमवार को एमडीएम के खराब चावल को लेकर नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय की रसोईघर में ताला जड़ दिया। इसके बाद जमकर हंगामा किया। ग्रामीण सर्वेश्वर पांडेय का कहना था कि प्रधान द्वारा सड़ा हुआ चावल बच्चों को खाने के लिए भेजा गया है। जिसे खाकर बच्चे बीमार पड़ सकते हैं। सोमवार को विद्यालय खुलने के बाद वहां पंहुचे ग्रामीणों एमडीएम के खराब चावल को लेकर आक्रोशित हो गए और विद्यालय की रसोई में ताला बंद कर उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी।
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इसबीच काफी संख्या में ग्रामीण विद्यालय परिसर में जुट गए। ग्रामीणों की शिकायत थी कि उक्त विद्यालय में आए दिन इसी तरह का अनाज बच्चों को खिलाया जाता है। सूचना पाकर पंहुचे ग्राम प्रधान ने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण मामले को लेकर काफी उग्र बने रहे। बिल्कुल खराब चावल को देख ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। इसबीच सदर एसडीएम के निर्देश पर मौके पर जांच के लिए पहुंचे लेखपाल रंजीत सिंह ने ग्रामीणों की बात सुन उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया। जांच के दौरान विद्यालय में थोड़ी मात्रा में तीन किस्म के चावल मिले। जिसमें दो किस्म के चावल ठीक , जबकि एक चावल काफी खराब मिला ।
जांच के लिए लेखपाल ने नमूने लिए। ग्रामीणों का कहना था कि यही चावल बनाने के लिए प्रधान द्वारा दिये गए थे। इसे लेकर घण्टो बहस चलती रही। सहायक अध्यापक प्रभात कुमार राय ने कहा कि 25 विद्यालय के बच्चे बिना खाना खाएं वापस लौट गए। मामले में जांच को पंहुचे लेखपाल ने चावल के नमूने एकत्र किए और विद्यालय में किये जांच का पूरा ब्यौरा एक पत्र पर लिखकर ग्रामीणों को उपलब्ध कराया। इसके बाद जाकर ग्रामीण कुछ शांत हुए। मामले को लेकर देर तक विद्यालय परिसर में हलचल मची रही।उधर मध्यान भोजन को लेकर दिन भर गहमा गहमी रही।उधर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पपू मिश्र ने कहा कि जो भी आरोप है बेबुनियाद है।
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