बैरिया/जयप्रकाश नगर। बकुलहा-संसार टोला (बीएसटी) बंधे पर आज भी कटान पीड़ित महिलाएं स्नान करने से पूर्व साड़ी से घरौंदा बनाती हैं, फिर स्नान करती हैं। इस बंधे पर शरण लिए हुए कटान पीड़ित अंधेरे में गुजर बसर करने को मजबूर है। अभी तक कटान पीड़ितों को भूमि नहीं दी जा सकी है। इससे आक्रोशित कटान पीड़ितों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया।
ब्लाक मुरलीछपरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद नौबरार अठगावा पंचायत के 350 परिवारों का आशियाना वर्ष 2013-14 में सरयू नदी के लहरों में समा गया। तब से कटान पीड़ित बीएसटी बंधे पर शरण ले लिए है। किसी प्रकार अपना दिन गुजारते चले आ रहे हैं। वर्ष 2016 में कुछ कटान पीड़ितों को इब्राहिमाबाद उपरवार मौजा में सरकार द्वारा बसा दिया। कुछ अपने अपने रिश्तेदारों या निजी रुपये से जमीन खरीदकर जहां-तहां बस गए। कटान पीड़ित 110 परिवार बीएसटी बांध पर रह गए। इनको बसाने की लड़ाई लड़ने का बीड़ा उठाते हुए वर्ष 2016 में कई बार इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने तहसील पर धरना प्रदर्शन, अनशन किया। तहसील प्रशासन ने कटान पीड़ितों को पट्टा देने की सूची बनवाई। इसमें 152 कटान पीड़ितों को चिन्हित किया गया।
क्षेत्रीय विधायक सुरेन्द्र सिंह को सूचना मिली कि सूची गलत तरीके से तैयार की गई है। विधायक ने चांददीयर पुलिस चौकी पर चौपाल लगाकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष सूची की जांच की। इसमें 91 पात्र पाए गए और 61 अपात्र। सूची को तहसील प्रशासन ने पुन: जिलाधिकारी को सौंप दी। 91 पात्रों में 39 लोगों को पट्टा का मूल प्रमाण पत्र भी सौंप दिया गया, लेकिन कब्जा नहीं मिला। विनोद सिंह ने फिर लड़ाई लड़ी तो 91 में नौ पट्टाधारकों को वर्ष 2018 में कब्जा दिलवाया गया। गत 26 जून को आनन फानन में सात लोगों को बकुल्हां केबिन के पास आवासीय भूमि का पट्टा दिया। इसमें कुछ बाधा काश्तकारों की ओर से पैदा की जा रही है। सातों कटान पीड़ितों को बसने नहीं दिया गया। अब भी कुल 75 कटान पीड़ितों का कोई पूछने वाला नहीं है।
कटान पीड़ित बिंदु देवी पत्नी दीपक पासवान ने कहा कि हमे कहीं जमीन मुहैया नहीं कराई गई। साड़ी का घरौंदा बनाकर स्नान करती हैं। रूपा देवी पत्नी ओमप्रकाश पासवान कहती है कि पानी पीने के लिए हैंडपंप तक नहीं है। विद्यावती देवी का कहना है कि हम कटान पीड़ित बंधे पर किसी तरह शरण लिए हुए है। नाराज कटान पीड़ितों ने शुक्रवार को बीएसटी बंधे पर खड़े होकर नारेबाजी भी की। इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा मांझी के पास 4309 नंबर में 14 हेक्टेयर भूमि नवीन परती के नाम से है। उस जमीन पर हम 23 जुलाई को कब्जा करेंगे।
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कुछ कटान पीड़ितों को कब्जा दिलवा दिया गया है। शेष कटान पीड़ितों को भी जल्द ही नियमानुसार कब्जा दिलवाया जाएगा।
शिव सागर दुबे, तहसीलदार बैरिया