सिकंदरपुर। कस्बे के किला के पोखरा और अद्भुत नाथ मंदिर के समीप स्थित चबूतरे पर बने शनि मंदिर को प्रशासन ने बृहस्पतिवार की दोपहर के समय ढहवा दिया। इसको लेकर हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश है। कस्बेवासियों ने कार्रवाई को पक्षपात पूर्ण बताते हुए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
उच्चाधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में अद्भुतनाथ मंदिर के संरक्षक मनोज मोदनवाल ने बताया कि मंदिर के बगल में चबूतरा है। यहां सैकड़ों वर्ष पुराना पीपल का पेड़ था। गत वर्ष पेड़ गिर गया। पेड़ के नीचे ही ब्रह्मस्थान भी था। उसी के बगल में शनि मंदिर का निर्माण किया गया था।
प्राण प्रतिष्ठा होनी थी। बगल में संस्कृत विद्यालय चलता है। प्रबंधक विपिन गुप्ता ने इस पर आपत्ति जताई थी। चौकी प्रभारी ज्ञान प्रकाश तिवारी ने गत दिनों प्रबंधक से स्थगन आदेश लाने की बात कह कर 15 दिन का समय दिया। और कार्य को रोक दिया था।
एक महीना बीतने के बाद भी प्रबंधक कोई आदेश नहीं ला सके। बृहस्पतिवार की दोपहर के समय बिना किसी आदेश के उपजिलाधिकारी सुनील कुमार अधीनस्थ कर्मचारी व पुलिस के साथ मौके पर पहुंते।
निर्माणाधीन मंदिर को तोड़ दिया। आरोप लगाया कि जबरदस्ती मुझसे लिखवाया गया। मेरी दुकान पर नगर पंचायत से नोटिस जारी किया गया । फूड विभाग से सैंपलिंग कराई गई। भाजपा मंडल अध्यक्ष आकाश तिवारी ने भी शनि मंदिर तोड़े जाने को लेकर प्रशासन की निंदा की है। कहा कि मंदिर निर्माण नहीं किया जाता है तो बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।