परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों कों नए सत्र से और 400 शिक्षक मिल जाएंगे, जिससे प्राथमिक विद्यालयों में कुछ हद तक शिक्षकों का अभाव कम हो जाएगा। इससे जुलाई से प्रत्येक प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम दो-दो शिक्षक तैनात मिलेंगे। अब शिक्षक अध्यापकों की कमी का रोना नहीं रो पाएंगे। उनके ऊपर शिक्षा की गुणवत्ता की जवाबदेही तय कर दी जाएगी। जांच में शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित मिली तो शिक्षकों को दंड के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
जुलाई से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो रही है। सत्र के शुरू होने से पहले ही प्राथमिक विद्यालयों पर करीब 400 शिक्षक तैनात कर दिए जाएंगे। शिक्षकों की काउंसलिंग का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। नए शिक्षकों को पावना 28 जून तक दे दिया जाएगा। शिक्षकों को पावना परिषदीय कार्यालय के कर्मचारी उनके घर तक पहुंचाएंगे। पावना के लिए शिक्षकों को दफ्तर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
नए शिक्षकों की भर्ती के बाद प्राथमिक विद्यालयों में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती हो जाएगी। प्राथमिक विद्यालयों में पहले से दो-दो प्रेरक तैनात हैं।