बाढ़ की तैयारियों को लेकर प्रशासन सतर्क है। डीएम रवीन्द्र कुमार ने बाढ़ से पूर्व की तैयारियों की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार में की। निर्देश दिया कि जहां भी कार्य धीरे चल रहा है, वहां पर मजदूरों की संख्या बढ़ाकर कार्य को पूरा कराया जाए। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य धीमा किया जा रहा है। इसपर जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता अमृतलाल को निर्देश दिया कि ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। एसडीएम सदर को निर्देश दिया की कार्य की समीक्षा कर उन्हें अवगत कराएं।
उप जिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्रा ने बताया कि जहां पर बाढ़ का काम चल रहा है वहां पर गांव के कुछ लोग कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। गोपाल नगर और नौरंगा में बाढ़ की स्थिति ज्यादा खराब है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बाढ़ के समय गांव वालों को विस्थापित करने की व्यवस्था पहले से ही रखी जाए और उसके लिए पहले से ही विद्यालय चिन्हित कर लिए जाएं।
बांसडीह के उप जिलाधिकारी ने सरयू नदी के तट पर तुर्तीपार बांध पर चल रहे कार्य के संबंध में जानकारी दी। उप जिलाधिकारी ने बताया कि कुछ जगहों पर रिसाव की समस्या रहती है, जिसको अभी से ठीक करा लेने की आवश्यकता है। रसड़ा उप जिलाधिकारी सदानंद सरोज ने बताया कि रसड़ा तहसील में किसी विस्थापन की समस्या नहीं है।
बेल्थरारोड के उप जिलाधिकारी ने बताया कि टगुनिया,चैनपुर भुलावा और तुर्तीपार में कुछ समस्या देखने को मिलती है। बाढ़ के समय वहां पर कैंप लगाकर लोगो के स्वास्थ्य का परीक्षण करें। बाढ़ शरणालय में डॉक्टरों की टीम लगाई जाए। इसके अतिरिक्त आशाओं और आंगनबाड़ी के माध्यम से गांव वालों को क्लोरीन की गोलियां वितरित की जाएं।