विद्युत आपूर्ति का दावा हवाहवाई हो गया है। नगरा क्षेत्र में 8 से 9 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। विद्युत आपूर्ति न होने से जहां ग्रामीण भीषण गर्मी से बेहाल हैं, वहीं किसान भी खेती को लेकर चिंतित हैं।विद्युत उपकेंद्र नगरा के तहत 150 से अधिक गावों को बिजली आपूर्ति की जाती है। विद्युत आपूर्ति की स्थिति इतनी दयनीय है कि 8 से 9 घंटे ही आपूर्ति हो रही है। दिन में 9 घंटे से अधिक देर तक आपूर्ति बाधित रहती है। वहीं, रात में भी कटौती जारी रहती है। भीषण गर्मी एवं उमस में ग्रामीण बेहाल हैं।
धान की नर्सरी डालने का भी है समय चल रहा है। नहरों में पानी नहीं है। तमाम गांवों में नहर की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में बिजली के भरोसे खेती करने वाले किसानों को भी बिजली की अघोषित कटौती से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में बिजली की अनियमित आपूर्ति से परेशान ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
विभाग जर्जर तारों को विद्युत आपूर्ति में बाधा बताता है। 33 हजार व 11 हजार की लाइन अक्सर जर्जर तारों के कारण टूटती रहती है, जिससे दिन दिन भर क्षेत्र की जनता कटौती से परेशान रहती है। किसानों का कहना है कि नगरा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति का निर्धारित रोस्टर क्या है, किसी को पता नहीं है। लोकल फाल्ट के नाम पर भी घंटों आपूर्ति बाधित की जा रही है।