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सभी नागरिकों को भारत माता की जय बोलना चाहिए: रमेश

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बलिया/लालगंज/बेल्थरारोड। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तृतीय चरण के तहत दोकटी स्थित निजी स्कूल में रविवार हिंदू सम्मेलन आयोजित हुआ। सम्मेलन में हिंदू समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश, विशिष्ट अतिथि खुशबू शर्मा, संत दास और परमानंद ने मां भारती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
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प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि जो सनातन की चिर पुरातन हैं वह कभी भी किसी पर आघात करने की परंपरा नहीं हैं। सनातन का मूल स्वभाव सह अस्तित्व समन्वय सर्वकल्याणी है। सनातन ने कभी किसी को परेशान नहीं किया फिर भी आज के समय भारत माता की जय और वन्दे मातरम न बोलने वाले की तदाद लगी है। कहा कि भारत में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को भारत माता को जय बोलना चाहिए और राष्ट्रगीत का सम्मान करना चाहिए, आज के परिवेश में ये राजनीतिक भेट चढ़ गई है जो बहुत हे कष्ट की बात है। कार्यक्रम का संचालन खंड कार्यवाह पवन ने किया। इस मौके पर जिला प्रचारक अखिलेश्वर, अनिल सिंह, विनोद, सुमीत आदि रहे।
उधर, बलिया नगर विश्वकर्मा बस्ती की सम्मेलन तीखमपुर स्थित वाटिका में हुआ मुख्यअतिथि रामानुजाचार्य महाराज, मुख्य वक्ता प्रांत प्रचारक रमेश, विशिष्ट अतिथि डॉ. सरोज, सुमंत श्रीवास्तव, लाडली किशोरी ने शुभारम्भ किया। प्रांत प्रचारक रमेश ने कहा कि सनातन की जो चिर–पुरातन परंपरा है, वह कभी भी किसी पर आघात करने की परंपरा नहीं रही है। सनातन ने न किसी को अनावश्यक रूप से परेशान किया है और न ही किसी के अस्तित्व को मिटाने का प्रयास किया है। सनातन का मूल स्वभाव सह-अस्तित्व, समन्वय और सर्वकल्याण का रहा है। यह भी उतना ही सत्य है कि सनातन की इस उदारता और सहिष्णुता को उसकी कमजोरी समझने का दुस्साहस नहीं किया जाना चाहिए। सनातन को कमजोर मानने की भूल नहीं करनी चाहिए। सनातन का मूल्यांकन सिर्फ बाहरी शांति के आधार पर नहीं किया जा सकता। सनातन अहिंसा का पुजारी अवश्य है, लेकिन कायरता उसका स्वभाव नहीं है। संत रामानुजाचार्य ने कहा कि सनातन धर्म कोई पंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की चिरंतन पद्धति है जो सृष्टि के आरंभ से मानवता को सत्य, अहिंसा, करुणा और समरसता का मार्ग दिखाता आया है। सुमंत श्रीवास्तव ने बताया कि हिन्दू संस्कृति में नारी सिर्फ परिवार की धुरी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। डॉ. संजय सरोज ने कहा कि हिन्दू सम्मेलन सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाला एक सार्थक प्रयास है। अध्यक्ष कृष्णमोहन श्रीवास्तव ने आभार ज्ञापन किया। उमेश तिवारीस परमेश्वरन श्री, अखिलेश्वर, अरुण मणि, प्रवीण, मारुति नंदन, ओम प्रकाश मिश्रा, बलदाऊ, सचिन, प्रिंस थे।
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बेल्थरारोड के चंदायर बलीपुर ग्राम में रविवार को हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। हिंदू संगठन मजबूत बनाने पर चर्चा की गई। मुख्य वक्ता रामविलास ने कहा कि आज हिंदू समाज कई वर्गों में बंटा हुआ है। हम सभी लोगों को जात-पात से ऊपर उठकर संगठित होकर एकता के साथ खड़े रहने का संकल्प लेना चाहिए। डॉ. आलोक गिरी, सतीश, प्रेमशंकर, शंकर, सुनील कुमार, सुमित समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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