कृषि विभाग की ओर से अनुदान पर मिलनेवाले कृषि यंत्रों को अब किसान न तो मनमाने तरीके से ले पाएंगे और न ही अधिकारियों की ओर से आवंटन ही किया जाएगा। कृषि यंत्रों के आवंटन को लेकर शासन ने समय सीमा का निर्धारण कर दिया है। अधिक से अधिक किसानों को लाभ देने को लेकर यह कवायद की गई है।
वर्ष 2015-16 से शासन ने कृषि यंत्रों की खरीद के लिए तीन साल की समय सीमा निर्धारित कर दी। समय सीमा के निर्धारण के कारण उन किसानों को भी अनुदानित कृषि यंत्रों का लाभ मिला जो हर बार वंचित रह जाया करते थे। अब मानव चालित कृषि यंत्र पांच साल के बाद ही पुन: लिया जा सकता है। इसके अलावा ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्र किसानों को10 साल के अंतराल पर ही मिल सकेगा, बशर्ते कोई किसान प्रतीक्षा सूची में न हो। सरकार का मानना है कि समय सीमा के निर्धारण से अधिक से अधिक किसानों को जहां लाभ मिलेगा वहीं कृषि यंत्रों के आवंटन में मनमानी पर भी लगाम लगेगा। इससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।