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तकनीकी कर्मचारी बिना वाहन नहीं बेच पाएंगी एजेंसियां

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बलिया। वाहन विक्रेता अब तकनीकी कर्मचारी की तैनाती किए बिना वाहन नहीं बेच पाएंगे। डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन में गड़बड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एआरटीओ ने जिले के सभी वाहन विक्रेताओं को नोटिस जारी कर चेसिस समेत अन्य चीजों की जांच के लिए तकनीकी कर्मचारी तैनाती करने की बात कही है। जो एजेंसी संचालक तकनीकी कर्मचारी की तैनाती नहीं करते हैं, उनके में डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन की पंजीकरण बंद कर दिए जाएंगे। इस संबंध में मुख्यालय की ओर से भी निर्देश मिल चुके हैं।
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प्रभारी एआरटीओ संतोष सिंह ने बताया पिछले साल से ही जिले डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत वाहन विक्रेता एजेंसी से ब्रिकी के दौरान गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करने का साथ नंबर भी अलॉट कर सकते हैं। इसके लिए परिवहन कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन में चूंकि गाड़ी कार्यालय नहीं आती ऐसे में उसकी जांच भी नहीं हो पाती है। ऐसी स्थिति में रजिस्ट्रेशन में धांधली होने की संभावना रहती है। इसको देखते हुए परिवहन आयुक्त की ओर से डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन करने वाली एजेंसियों को तकनीकी कर्मचारी तैनात करने के निर्देश दिए गये हैं। तकनीकी कर्मचारी की जिम्मेदारी ब्रिकी के बाद गाड़ी का चेसिस और इंजन नंबर जांच कर यह सुनिश्चित करना होगा कि जो वाहन संबंधित व्यक्ति ने खरीदा है, वह उसी के नाम पर रजिस्टर्ड है या नहीं। प्रभारी एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि निर्देश के बाद भी जिले में एक भी वाहन विक्रेता ने अपने यहां तकनीकी कर्मचारी की तैनाती नहीं की है। इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है।
पिछले साल शुरू हुआ डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन
जिले में डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन का काम पिछले साल शुरू किया गया था। प्राइवेट और व्यवसायिक दोनों श्रेणियों के वाहन जिले में डीलर प्वाइंट पर ही रजिस्टर्ड हो सकते हैं। इसके लिए सभी वाहन विक्रेताओं को आईडी- पासवर्ड भी दिए गये हैं। डीलर प्वाइंट रजिस्ट्रेशन में वाहन की पूरी फाइल तैयार कराकर डीलर सत्यापन के लिए उसे लॉगिन आईडी के जरिये परिवहन कार्यालय भेज देते हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारी प्रपत्रों की जांच कर रजिस्ट्रेशन को वेरिफाई कर देते हैं। पहले इस प्रक्रिया के लिए वाहन और ब्रिकी के कागज लेकर आरटीओ ऑफिस आना पड़ता था।
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