मझौवां। बारिश के बाद गंगा नदी के जलस्तर में पांचवीं बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण फिर से कटान का खतरा और बढ़ गया है। जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई है।
इससे नदी के किनारे बसे सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा के घरों और कृषि भूमि के कटने का खतरा बढ़ गया है। चक्की नौरंगा क्षेत्र में कटान का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार के दिन किसी मकान के गिरने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण आसपास के इलाके में भय का माहौल है। जलस्तर के बढ़ने से गंगा की धारा में पलटप्रवाह शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राज्यमार्ग-31 से लटरें टकराने लगी हैं।
प्रशान ने खतरे से निपटने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगले दो-तीन दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। हालांकि बाढ़ जैसे हालात नहीं होंगे। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर रविवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 55.960 मीटर दर्ज किया गया। इसके साथ ही एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। यहां वार्निंग लेवल 56.615 मीटर व खतरा बिंदु 57.615 मीटर है।
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चक्की नौरंगा वासियों का 14वें दिन धरना-प्रदर्शन जारी
मझौवां। गंगा नदी के दक्षिण दिशा में स्थित चक्की नौरंगा गांव के कटान पीड़ितों ने प्राथमिक विद्यालय चक्की नौरंगा पर चौदहवें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। पीड़ितों का कहना है कि जब तक शासन-स्तर पर प्रभावी बचाव कार्य शुरू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। विनोद ठाकुर ने कहा कि हमारे घर, खेत गंगा में समा रहे हैं। संतोष ठाकुर ने बताया कि जनप्रतिनिधियों से भी मिलने पर उन्होंने आश्वासन दिया परंतु काम नहीं हुआ। लोगों ने बताया कि कई बार आश्वासन मिलने के बाद भी अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे। इस मौके पर संतोष ठाकुर, संजय ठाकुर, रवीन्द्र ठाकुर, अखिलेश ठाकुर, जंगी यादव, कमलबास ठाकुर, शशि प्रकाश ठाकुर, राधेश्याम ठाकुर, मिथिलेश ठाकुर आदि दर्जनों लोग शामिल रहे।