सदर तहसील परिसर स्थित खाली पड़ा तहसील न्यायालय की कुर्सी। संवाद
बलिया। बैरिया तहसील के अधिवक्ताओं पर दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने की मांग को लेकर 19 दिनों तक चली हड़ताल 27 जुलाई 2026 को समाप्त हुई। हड़ताल खत्म होने के बावजूद न्यायिक कार्य पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका है। अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति से वादकारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार 28 जुलाई 2026 को तहसीलों के पड़ताल के दौरान स्थिति बेहद खराब दिखी। छह तहसीलों में करीब 800 मामले लंबित चल रहे हैं, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। सदर तहसील न्यायालय परिसर में मंगलवार को सुबह 11 बजे तक एसडीएम सहित कोई अधिकारी न्यायालय में नहीं बैठा था। तहसीलदार सभागार में समस्या सुन रहे थे। उन्होंने 12 बजे के बाद न्यायालय चलने की बात कही। पेशकार, रीडर और लिपिकीय कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। इससे वादों की सुनवाई, तिथि निर्धारण और जमानत प्रार्थना पत्रों का निष्पादन प्रभावित रहा। दूर-दराज से पहुंचे वादकारी घंटों प्रतीक्षा के बाद निराश होकर लौट गए।
बैरिया तहसील में न्यायिक कार्य और बैठकें: बैरिया तहसील में भी मंगलवार 28 जुलाई 2026 को वादकारी सुनवाई की उम्मीद लेकर पहुंचे। पीठासीन अधिकारियों की कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं के साथ बैठक के कारण न्यायिक कार्य नहीं हुआ। उपजिलाधिकारी शशिभूषण मिश्रा और प्रभारी तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार ने कर्मचारियों व क्षेत्रीय लेखपालों के साथ बैठक की। इसके बाद एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अधिवक्ताओं के बीच बार-बेंच समन्वय पर बैठक हुई। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण की मांग की।