प्रशासन की तरफ से ददरी मेला के जीओसी पद पर हाईकोर्ट का निर्णय पक्ष में आने पर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाई लाल ने मंगलवार को सबसे पहले कर्मचारियों के वेतन व एरियर के बिल पर हस्ताक्षर किया।
इसके बाद दोपहर बार सभासदों व कर्मचारियों के साथ नगर पालिका परिषद कार्यालय में गहन मंत्रणा करते हुए आगे की योजना बनाई। उन्होंने मीडिया से बताया कि न्यायालय ने प्रशासन की तरफ से 28 अक्टूबर को मुझे नोटिस दिया था।
इसके बाद मेरा पावर सीज करते हुए जिलाधिकारी को ददरी मेला के आयोजन की जिम्मेदारी दी थी। जिसके खिलाफ मैं हाईकोर्ट गया था। ठीक एक महीने बाद हाईकोर्ट ने मेरे अधिकार को बहाल कर दिया है।
कहा कि ददरी मेला का आयोजन हमेशा नगर पालिका करता रहा है। इसके इतिहास के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद कर्मचारियों को सभी देयकों का भुगतान कर दिया गया है।
इस मौके पर सभासद सुमित मिश्रा गोलू, ददन यादव, अमित दुबे, यशवंत सिंह, बबलू गोंड, जितेंद्र साह, आसिफ अली, राजीव रंजन, हीरालाल, मुटुर सिंह, लक्की खां, अलाउद्दीन विक्की, पवन गुप्ता, पप्पू खरवार आदि थे।
प्रशासन ने अधिकार सीज करने के लिए ददरी मेले को बनाया था आधार
जिला प्रशासन ने चेयरमैन के अधिकार सीज करने के लिए ददरी मेले को आधार बनाया था। 28 अक्टूबर को जारी नोटिस में कहा गया था कि 2024 में जिला प्रशासन के नेतृत्व में मेले का आयोजन किया गया था। आयोजन में 56,92,701 रुपये की बचत हुई थी। इस साल आयोजन में 78,46,3711 आय और खर्च 21,53,670 रुपये हुए थे। वहीं, इससे पहले नगर पालिका के नेतृत्व में आयोजन होते थे। वर्ष 2023 में ददरी मेले के आयोजन में 9,529 रुपये का घाटा हुआ था। पालिका को आय 66,67,076 और खर्च 66,76,605 रुपये हुए थे। इसी तरह वर्ष 2022 में 610501 रुपये, वर्ष 2021 में 804224 रुपये, वर्ष 2020 में 204028 रुपये का घाटा हुआ था। प्रशासनिक व्यवस्था से आय में वृद्धि हुई थी।
कर्मचारियों की चली थी लंबी हड़ताल
नगर पालिका परिषद बलिया के कर्मचारी वेतन भुगतान की मांग को लेकर 9 दिन तक हड़ताल पर रहे। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी। इसको लेकर प्रशासन ने तरह-तरह का दबाव भी कर्मचारियों पर बनाया था। दूसरे नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्र के सफाई कर्मियों को बुलाकर सफाई कराई गई थी। इसके बाद शहर की सफाई व्यवस्था बेपटरी रहती थी। प्रशासन ने दो दिनों के अंदर वेतन भुगतान का आश्वासन दिया था।