टेंडर में मंत्री पुत्र के कथित हस्तक्षेप और नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि के बीच मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मारपीट की घटना के बाद चौथे दिन भी अध्यक्ष प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त का शहीद चौक में धरना जारी रहा। गुप्त मंत्री नारद राय और उनके पुत्र तथा हमलावरों की कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
वहीं अब विवादित टेंडर निरस्त किए जाने को लेकर ठेकेदारों के निशाने पर नगर पालिका अध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि हैं। ठेकेदारों का कहना है कि बार-बार टेंडर निरस्त करने से उनको नुकसान उठाना पड़ता है। साथ नगर का विकास भी प्रभावित हो रहा है। उधर सभासद भी इसे लेकर अध्यक्ष के खिलाफ हो गए हैं।
सोमवार को सभी ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। मामले में दूसरी आेर अध्यक्ष प्रतिनिधि के समर्थन में जिले के अलग-अलग हिस्सों से व्यापारी लामबंद होने लगे हैं। मंत्री के बहाने प्रदेश्ा सरकार के खिलाफ भी कई संगठन आवाज उठाने लगे हैं।
नगरपालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान अध्यक्ष प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता के साथ दफ्तर में गत दिनों मारपीट को लेकर उनका धरना नगर के शहीद चौक में सोमवार को भी जारी रहा। इस दौरान कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव के दरबार में उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। कहा कि उन तक बात पहुंच चुकी है।
कहा कि वह पक्का समाजवादी हैं। मंत्री नारद राय पर पार्टी की ओर से कार्रवाई होना तय है। कहा कि मंत्री को बर्खास्त करने के साथ ही उनके पुत्र का शस्त्रत्त् लाइसेंस जब तक निरस्त नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। कहा कि मंत्री पुलिस प्रशासन को अपना जागीर समझ बैठे हैं और अपने पुत्र को बचाने के लिए निरंतर पुलिस प्रशासन पर दबाव डाल रहे हैं।
ऐसा होने से ही घटना के चार दिन बाद भी मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है। कहा कि मुझे पार्टी सुप्रीमो और प्रदेश के मुख्यमंत्री पर पूरा विश्वास है कि वे मंत्री को बर्खास्त करेंगे और उनके पुत्र के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। धरना सभा को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि आज मेरे साथ जो कुछ भी हुआ, कल किसी और के साथ भी हो सकता है। केवल चंद टेंडर और अपने चहेतों को काम दिलवाने के लिए मंत्री सबकी अनदेखी कर रहे हैं।