फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मणि मंजरी राय आत्महत्या: एक माह बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं आरोपी

विज्ञापन
विज्ञापन
मनियर। नगर पंचायत की ईओ मणि मंजरी राय की आत्महत्या प्रकरण की गुत्थी एक माह बाद भी नहीं सुलझ सकी है। आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। ईओ के परिजनों का आरोप है कि पुलिस सत्ताधरी दल के एक प्रभावशाली नेता के दबाव में आकर आरोपियों की गिरफ्तारी से बच रही है। आरोपियों में चेयरमैन के साथ सिकंदरपुर के तत्कालीन ईओ भी शामिल हैं। ऐसे में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की बात को भी सिरे खारिज नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

हालांकि मामले की जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय टीम के सदस्य सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि मामले की हकीकत को उजागर करने के लिए तेजी से जांच की जा रही है। इसके अलावा फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम चिह्नित स्थानों पर दबिश दे रही है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस सत्ताधारी दल के एक प्रभावशाली नेता के दबाव में आकर आरोपियों की गिरफ्तारी से बच रही है। गौरतलब हो कि पिछले 6 जुलाई को मणि मंजरी राय ने बलिया शहर स्थित आवास में आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में उनके भाई विजयानंद राय द्वारा मनियर चेयरमैन भीम गुप्ता, सिकंदरपुर के तत्कालीन ईओ संजय राव, टैक्स लिपिक विनोद सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश कुमार, चंदन कुमार समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन पुलिस मात्र चालक चंदन कुमार को गिरफ्तार कर सकी है। जबकि आरोपी चेयरमैन, ईओ , टैक्स लिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर आज तक पुलिस की पुहंच से दूर है। जबकि पुलिस सभी आरोपियों के परिजनों को कई बार पूछताछ करने के साथ ही उनका मोबाइल फोन भी ट्रेस कर चुकी है। इसके बावजूद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें