सहतवार कसबा में स्थित जर्जर सब्जी मंडी।
वर्ष 1985 से बन रही सब्जी मंडी का निर्माण 1989 में मूर्त रूप ले लिया। बावजूद आज तक इसका लोकार्पण नहीं हो सका। नतीजतन रख-रखाव के अभाव में सब्जी मंडी का टिन शेड जहां टूट-टूटकर गिर रहा है, वहीं खंभों में जंग लग गई है। भवन आवारा पशुओं का अड्डा बन चुका है और फील्ड झार-झंखाड़ों में तब्दील हो चुका है। रात को दूर दिन में भी यह जगह वीरान सा लगता है।
तत्कालीन जनता पार्टी के विधायक विजय लक्ष्मी के प्रयास से मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने बलिया को सौगात दी और सहतवार में लगभग पांच एकड़ भूमि किसानों को मुआवजा देकर सब्जी मंडी के लिए आवंटित कर दिया गया। नौ लाख की लागत से मंडी बननी शुरू हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह बने। उनके कार्यकाल में निर्माण में सुस्ती आ गई। लेकिन पुन: एनडी तिवारी के मुख्यमंत्री बन जाने और विधायक विजयलक्ष्मी द्वारा उनको सब्जी मंडी और उनके वादे की स्थिति से अवगत कराने के बाद 1989 में मूर्त रूप ले लिया। इसके बाद जनता दल से मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने, विधायक विजय लक्ष्मी तथा स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि लोकार्पण हो जाएगा, ऐसा नहीं हुआ। आज तक मंडी का लोकार्पण नहीं हो पाया।