बलिया। शहर में दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को बाजार स्कूल, सरकारी और निजी कार्यालय खुले तो सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर वाहनों का लोड बढ़ने से जाम लग गया। पटरियों पर ठेला खोमचा व दुकानों के अतिक्रमण के कारण जगदीशपुर, ओवरब्रिज महुआ मोड़ पर जाम रहा। चौराहा पर जाम के साथ ही ध्वनि प्रदूषण लोगों के लिए मुसीबत बन रहा है।
शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए समय-समय पर कवायद की गई लेकिन अधिकांश धरातल पर महज कुछ दिनों तक दिखाई दीं। आलम यह है कि नगर में रोजाना जाम लगता है। करीब पांच साल पहले जब सभी वाहन स्टैंडों को नगर से बाहर किया गया था तो स्टैंड से यात्रियों के आने-जाने के लिए नगर में ई-रिक्शा की शुरुआत हुई। अब इन्हीं ई रिक्शों के कारण जाम लगता है। इसके अलावा कहने के लिए तो पटरी दुकानदार हैं लेकिन सड़कों तक ठेला आदि लगाते हैं।
नगर के अधिकांश चौराहा व मार्गों पर ऐसी ही स्थिति है। कई ठेलाें पर फल व जूस बेचने वाले लाउडस्पीकर पर गाने बजाते हैं। इसके चलते नगर के प्रमुख चौराहे ओक्डेजगंज, आर्यसमाज रोड, चौक, जगदीशपुर, रेलवे क्राॅसिंग, अस्पताल रोड आदि पर खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है।
इस बाबत ट्रैफिक प्रभारी समद खां ने कहा कि जाम लगने वाले स्थानों को चिह्नित कर जवानों को तैनात किया गया था। जिसके कारण जाम से लोगों को परेशानी नहीं हुई। ठेलों पर डाउडस्पीकर लगवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।