बेल्थरारोड । स्थानीय तहसील के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसीलदार न्यायालय में वादों को अनावश्यक रूप से लंबित करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इस दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने नारेबाजी भी की। इसके चलते तहसीलदार जितेंद्र सिंह वाद सुनवाई के दौरान न्यायालय से चले गए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम राजेश कुमार यादव ने तहसीलदार की मौजूदगी में तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राणाप्रताप सिंह व मंत्री सत्यप्रकाश उपाध्याय के साथ बंद कमरे में वार्ता कर बार-बेंच के बीच सामंजस्य बनाने की अपील की।
तहसीलदार न्यायालय में वसीयत के आधार पर खतौनी में नाम दर्ज करने, तजबीसानी एवं धारा 38 की फाइल लंबे समय से लंबित होने का आरोप लगाते हुए कुछ अधिवक्ता न्यायालय के दौरान ही हंगामा करने लगे और न्यायालय में बैठे तहसीलदार के रवैये पर नाराजगी जताई। इस दौरान तहसीलदार ने पहले तो अधिवक्ताओं को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब वे शांत नहीं हुए तो वे वे स्वयं न्यायालय छोड़कर निकल गए। उधर, हंगामे की खबर मिलते ही उभांव इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह भी सदल- बल पहुंच गये। उसके बाद एसडीएम ने तहसीलदार की मौजूदगी में बार एसोसिएशन के जिम्मेदार पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। करीब दो घंटे तक बंद कमरे में हुए वार्ता के बाद एसडीएम ने कहा कि कुछ मामलों को लेकर अधिवक्ताओं में गलतफहमी व नाराजगी थी। जिसे वार्ता के बाद दूर कर लिया गया है। जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार जायसवाल, अमरजीत सिंह, ह्रदयानंद सिंह, सरफराज, गोपालचंद्र, सर्वजीत सिंह, गोरखनाथ, नित्यानंद गिरी, अरूण श्रीवास्तव, गंगेश मिश्र, विशाल सिंह, ज्ञानचंद्र प्रजापति आदि अधिवक्ताओं ने तहसीलदार पर लगाए।