चौकिया मोड़। अधिवक्ता गोरख प्रसाद की संदिग्ध स्थिति में हुई मौत के मामले का उभांव पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया। हत्या के आरोप में प्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अधिवक्ता की मौत किसी सड़क दुर्घटना से नहीं हुई। उनकी प्रेमिका की ओर से धक्का देने से गिरने के वजह से मौत हुई थी। थाना प्रभारी उभांव राजीव कुमार मिश्र की देखरेख में हत्याकांड के जांच अधिकारी पंकज सिंह ने सोमवार को प्रेमिका रानी देवी पत्नी स्व.अखिलेश राम निवासी भिंडकुण्ड को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
अधिवक्ता गोरख प्रसाद की मौत के मामले में पुलिस ने पहले अज्ञात वाहन के खिलाफ सड़क दुर्घटना का मामला दर्ज किया था।स्थानीय अधिवक्ताओं द्वारा इसे हत्या बताकर गत एक माह से तहसील परिसर में धरना दिया जा रहा खा। इसकी वजह से पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच की। मौत के करीब 50 दिन बाद खुलासा किया। बताया कि मामले का खुलासा अधिवक्ता गोरख प्रसाद निवासी ककरासो और हत्यारोपी प्रेमिका रानी के मोबाइल की सीडीआर रिपोर्ट के आधार पर हुआ है। इसके आधार पर छानबीन में गवाहों ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। प्रेमिका ने भी पुलिस के समक्ष घटना को स्वीकार करते हुए बताया कि अक्सर उनके घर अधिवक्ता आते थे। घटना के दिन 22 जुलाई की रात भी वे नशे की हालत में थे। किसी बात को लेकर महिला की अधिवक्ता से तकझक हुई। अधिवक्ता नशे की हालत में लकड़ी के गेट और खूंटे पर जा गिरे थे। इससे वह चोटिल हो गए थे। डर से उसने अपने भाई और बेटे की मदद से टेंपू से उन्हें सीएचसी सीयर पहुंचा दिया। घटना के अगले दिन सुबह में इसकी जानकारी गोरख प्रसाद के परिजनों को हुई। घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने रेफर दिया था। परिजनों द्वारा इलाज के लिए लेकर जाते समय उनकी रास्ते में मौत हो गई।