हल्दी। क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग लड़की को भगाने के आरोपी के घर शनिवार की शाम पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई की। न्यायालय की ओर से वारंट और 82-83 की कार्रवाई के बाद भी हाजिर नहीं होने पर न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ 13 फरवरी को अवमानना का मुकदमा दर्ज किया। शनिवार को कोर्ट का आदेश मिलते ही पुलिस ने आरोपी के घर कुर्की की।
हल्दी थाना क्षेत्र के एक गांव की पीडि़ता की मां ने 14 फरवरी 2018 को हल्दी थाने में शिकायती पत्र देकर गांव के ही रमेश साहनी (25) पुत्र भृगु साहनी पर नाबालिग लड़की भगाने का आरोप लगाया। पुलिस ने धारा 363, 366 व 3/4 पाक्सो एक्ट का मुकदमा दर्ज किया। सितंबर 2019 में इलाहाबाद से लड़की को बरामद कर मेडिकल मुआयना के आधार पर 376 की धारा बढ़ाई गई। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि मामले में 82 की नोटिस जारी कर मुनादी कराकर न्यायालय में हाजिर होने को कहा गया था लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हुआ। कोर्ट के आदेश पर शनिवार को उपनिरीक्षक राघव राम यादव व विवेचक उपनिरीक्षक सूर्यनाथ यादव ने हमराहियों के साथ कुर्की की कार्रवाई रू की। इस दौरान आरोपी के घर में जो भी मिला, उसे थाने ले आया गया।
फरार आरोपी के घर पुलिस शनिवार की शाम जब पहुंची तो देखा की आरोपी के डबल स्टोरी मकान के मेन गेट पर ताला लटका था। परिवार का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। पुलिस ने जब कुर्की की बात बताई तो गांव के कई लोग खिसक गए। सिर्फ दो लोग मौजूद रहे जिनके सामने पुलिस ने आरोपी के मकान के गेट का ताला तोड़कर कुर्की की कार्रवाई की और बक्सा, अटैची, आलमारी, ड्रम, पलंग आदि की सूची बनाकर सभी सामान को कब्जे में ले लिया। पुलिस सभी सामान ट्रैक्टर-ट्राली से थाने ले आई। कुर्की की कार्रवाई चार घंटे चली। थानाध्यक्ष सत्येन्द्र कुमार राय ने बताया कि महिला उत्पीड़न के अपराध में अपराधी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आदेश है।
अब तक नहीं देखी थी कुर्की की कार्रवाई
कुर्की की कार्रवाई के दौरान जहां आरोपी के घर के सामने सन्नाटा पसरा हुआ था, वहीं पुलिस के जाते ही भीड़ जुट गई। इस दौरान लोग तरह-तरह की बातें करते नजर आए। कोई कार्रवाई को कानून का असर बताता दिखा तो कोई इसे पाप का फल भी बताता नजर आया। हालांकि गवाहों के अलावा किसी ने भी पुलिस के जाने के बाद भी मकान के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटाई। गांव के लोगों ने बताया कि उन्होंने कभी कुर्की की कार्रवाई इससे पहले देखी ही नहीं थी।
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