सामूहिक विवाह में भ्रष्टाचार करने वाले कई कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इस प्रकरण को लेकर शनिवार की देर शाम जहां समाज कल्याण विभाग के निदेशक प्रशांत जिले में पहुंचे। वहीं रविवार को विभाग के मंत्री असीम अरुण भी पहुंचे। किसी भी दोषी को नहीं छोड़ने का दावा किया। कहा कि भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के साथ ही योजना के लूप होल को भी लॉक किया जाएगा, ताकि फर्जीवाड़ा रुक सके। उधर, ब्लॉक व ग्राम स्तर पर तैनात कर्मियों की जैसे जैसे भूमिका सामने आ रही है, कार्रवाई जारी है। पुलिस भी दलालों की धरपकड़ के लिए गावों में दस्तक दे रही है। पुलिस ने इस प्रकरण से जुड़े एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अब तक तीन अधिकारियों कर्मचारियों समेत कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दो एडीओ और दो कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। हालांकि अभी तक किसी बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि इनके डिजिटल सिग्नेचर से ही सभी आवेदनों की संस्तुति हुई है। इस बाबत समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने बताया कि जांच में संलिप्तता पाए जाने पर बीडीओ के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मनियर में 10 दिनों पहले समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में हुए फर्जीवाड़ा को लेकर चल रही जांच व कार्रवाई का जायजा लेने शनिवार की देरशाम में ही विभाग के निदेशक प्रशांत पहुंच गए। रविवार को डाक बंगला में हुई बातचीत में बताया कि जांच में अब तक अधिकारियों समेत चार सरकारी कर्मियों को निलंबित किया गया है, अभी जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि आवेदनों का अग्रसारण संबंधित ब्लॉक के बीडीओ की ओर से ही की गई है, उनकी भूमिका की भी जांच चल रही है। सीडीओ की रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई भी की जाएगी। निदेशक ने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा और विभाग के अन्य अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि आगे से इस योजना में फर्जीवाड़ा की गुंजाइश न हो।